
- भाई ने हत्या की आशंका जताई-जावरा निवासी साधु बनकर मंगलनाथ की कुटिया में रहता था
उज्जैन। जावरा से रहने वाला एक व्यक्ति साधु बन गया था और मंगलनाथ मंदिर के पास मलानी बाबा की कुटिया में रहता था। 10 दिन से उसकी अपने भाई से बात नहीं हुई तो वह कल उज्जैन आया तो पता चला कि 10 दिन पहले उसकी मौत हो गई थी और समाधि दे दी गई है। भाई ने हत्या की आशंका जताई और शव को बाहर निकलवाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सही जानकारी मिल पाएगी।
चिमनगंज मंडी थाने के उपनिरीक्षक लिविन खेद ने बताया कि 17 जून को जावरा के पीपलीबाजार में रहने वाला अनिल पिता किशोर जोशी उज्जैन पहुँचा और थाने पर शिकायत दर्ज कराई कि उसका भाई सुनील जोशी साधु बनने के बाद गंगेश्वरी बन गया था और 10 दिन पहले उसकी अपने भाई से आखरी बार बात हुई थी, इसके बाद संपर्क नहीं हो पा रहा था। आशंका के चलते वह उसे तलाशते हुए उज्जैन पहुँचा और अपने भाई साधु गंगेश्वरी के बताए अनुसार मंगलनाथ के समीप मलानी बाबा की कुटिया पर पहुँचा जहाँ उसे अपना भाई नहीं मिला। आसपास की दुकानों पर पूछताछ करने पर उसे बताया कि गंगेश्वरी उर्फ सुनील जोशी की 10 दिन पहले मृत्यु हो गई थी और कुटिया के पीछे उसे समाधि दे दी गई है। अचानक हुई मौत पर शंका होने पर गंगेश्वरी का भाई अनिल और संजय ने पहुँचकर हत्या की आशंका जताई। पुलिस टीम उनके बताए अनुसार कुटिया पहुँची और समाधि में दफन किए गए गंगेश्वरी के शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत का कारण सामने आएगा। पुलिस को भाई ने बताया कि 10 दिन पहले जब उसके भाई से उसकी बात हुई थी तब विवाद की आवाज सुनाई दे रही थी। साधु गंगेश्वरी का सामान और मोटरसायकल भी वहाँ नहीं मिली है।