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म्‍यूचुअल फंड में पैसा लगाने वालों के लिए सेबी ने KYC नियमों में किया बदलाव

नई दिल्‍ली (New Delhi). म्‍यूचुअल फंड में पैसा लगाने वाले निवेशकों (Mutual Fund Investor) के लिए अच्‍छी खबर है. बाजार नियामक सेबी ने केवाईसी (Mutual Fund KYC) के नियमों में हाल ही में लागू किए बदलावों को कुछ आसान कर दिया है. इससे एक करोड़ से ज्यादा ऐसे निवेशकों को फायदा होगा, जिनके म्यूचुअल अकाउंट होल्ड हो गए थे. पहले सेबी ने म्‍यूचुअल फंड में निवेश करने वालों की ‘केवाईसी रजिस्‍टर्ड’ करने के लिए पैन को आधार से लिंक (PAN-Aadhar Link) करना अनिवार्य कर दिया था. लेकिन, अब 14 मई को जारी एक नए सर्कुलर में सेबी ने कहा है कि अब पैन-आधार लिंक, केवाईसी रजिस्‍टर्ड करने के लिए अनिवार्य नहीं है.



अक्टूबर में, सेबी ने ऐसे सभी म्यूचुअल फंड निवेशकों से 31 मार्च तक अपना केवाईसी दोबारा करने को कहा था, जिन्‍होंने यह काम आधार, पासपोर्ट या मतदाता पहचान पत्र जैसे “आधिकारिक तौर पर वैध दस्तावेज (ओवीडी)” के माध्‍यम से नहीं किया था. इससे पहले, म्यूचुअल फंड निवेशक अपने पते के प्रमाण के रूप में बैंक पासबुक या बैंक खाता विवरण जमा करके अपना केवाईसी कर सकते थे.

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्लानरुपी इन्वेस्टमेंट सर्विसेज के संस्थापक अमोल जोशी ने सेबी के नए सर्कुलर पर कहा “पहले यदि पैन और आधार लिंक नहीं होते थे, तो आपका केवाईसी रुक जाता था. अब, यदि आधार और पैन लिंक नहीं हैं और आप आधार-आधारित केवाईसी करते हैं, तो आपको ‘केवाईसी-पंजीकृत’ का दर्जा मिलेगा. हालाँकि, ‘केवाईसी-मान्य’ (KYC-Validated) स्‍टेटस प्राप्त करने के लिए, पैन और आधार को अभी भी लिंक करने की आवश्यकता होगी.”

1 अप्रैल से लागू हुए थे बदलाव
सेबी ने म्यूचुअल फंड के निवेशकों के लिए केवाईसी के नियमों को कड़ा कर दिया था. ये नियम 1 अप्रैल 2024 से लागू हुए थे. नियामक के द्वारा किए गए बदलाव में बहुत सारे निवेशकों को फिर से केवाईसी कराने की जरूरत पड़ गई थी और दोबारा केवाईसी नहीं कराने वाले निवेशकों के म्यूचुअल फंड अकाउंट को होल्ड कर दिया गया.

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