
भोपाल। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh ) में गर्मी (Heat) ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है। हालात ऐसे हैं कि दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा है। जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं। तेज धूप और लू से बचने के लिए खासकर महिलाएं और युवतियां चेहरे को कपड़े से ढंककर निकल रही हैं। इस बार गर्मी (Heat) का असर सिर्फ दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि रातें भी तपने लगी हैं। मौसम विभाग (Meteorological Department.) ने प्रदेश में पहली बार वॉर्म नाइट का अलर्ट (Warm Night Alert) जारी किया है। भोपाल समेत 9 शहरों में रात का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा रहने की संभावना है।
इन शहरों में अलर्ट:
भोपाल, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट इससे पहले भी भोपाल, छिंदवाड़ा, मंडला और नर्मदापुरम में गर्म रात दर्ज की जा चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार, जब रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री ज्यादा हो और दिन का तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर रहे, तो उसे वॉर्म नाइट कहा जाता है। अगर यह अंतर 6.4 डिग्री से ज्यादा हो जाए, तो स्थिति ‘सीवियर वॉर्म नाइट’ बन जाती है। फिलहाल प्रदेश में ऐसी स्थिति नहीं बनी है।
प्रदेश के सबसे ज्यादा गर्म शहर
खजुराहो – 43 डिग्री
दतिया – 42.3 डिग्री
रतलाम, सीधी – 42.2 डिग्री
रीवा, श्योपुर – 42 डिग्री
रायसेन – 41.6 डिग्री
नौगांव – 41.5 डिग्री
नरसिंहपुर – 41.4 डिग्री
5 बड़े शहरों का हाल:
ग्वालियर – 42.5 डिग्री
भोपाल – 39.8 डिग्री
इंदौर, उज्जैन – 39.5 डिग्री
जबलपुर – 38.5 डिग्री
बादल और बारिश का भी असर
गर्मी के बीच कुछ जिलों में मौसम ने करवट भी ली। खरगोन, इंदौर, सीहोर, सागर, अशोकनगर, आगर-मालवा, नर्मदापुरम, गुना, सतना, मुरैना, हरदा, खंडवा, बड़वानी, उज्जैन और बैतूल में कहीं हल्की बारिश तो कहीं गरज-चमक देखी गई। भोपाल में सुबह देर से धूप निकली।
मौसम बदलने की वजह
प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के कारण मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। वहीं दक्षिणी जिलों में आंधी-बारिश का असर दिखा। 23 अप्रैल के आसपास पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, लेकिन इसका असर प्रदेश में सीमित ही रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी ऊंचा बना रहेगा, जिससे उमस और बेचैनी बढ़ सकती है।
स्वास्थ्य पर खतरा, रखें सावधानी
– दिनभर पर्याप्त पानी पिएं
– दोपहर में धूप से बचें
– हल्के और सूती कपड़े पहनें
– बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें
अप्रैल-मई: गर्मी का पीक सीजन
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अप्रैल और मई साल के सबसे गर्म महीने होते हैं। खासकर अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी तेजी पकड़ती है, जो इस बार साफ तौर पर दिख रही है। इस साल फरवरी और मार्च में कई बार मौसम ने करवट ली। ओले, बारिश और आंधी से फसलों को नुकसान भी हुआ। लेकिन अब अप्रैल के दूसरे हिस्से में गर्मी ने पूरी ताकत दिखानी शुरू कर दी है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved