
इंदौर। कुछ माह पूर्व प्रशासन ने पीपल्याकुमार (Pipliyakumar) में कई गुमटियों (Stalls) को जमींदोज (Demolished) किया था और ग्रीन बेल्ट (green belt) की इस जमीन के एक हिस्से में मां की बगिया विकसित की गई। उसके आगे लगी गुमटियों और अन्य अवैध निर्माण, अतिक्रमणों को भी तहसीलदार द्वारा नोटिस जारी किए गए, जिस पर पिछले दिनों स्टे मिला और बावजूद इसके एक भूखंड पर आधा दर्जन गुमटियां पिछले दिनों रातोरात बना ली गईं, जिन्हें कल तहसीलदार जूनी इंदौर प्रीति भिसे ने बुलडोजर चलवाकर तोड़ा।
उल्लेखनीय है कि कुछ समय पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ खजराना निवासी रहमत अली पटेल ने विवादित टिप्पणी करते हुए वीडियो वायरल किया था, जिसके चलते उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई और उसके द्वारा जो अवैध कब्जे कर दुकानें बनाई गई थीं, उन पर भी बुलडोजर चलवाया। निपानिया मेन रोड पर जहां बीसीएम पैराडाइज, अटलांटा, अपोलो डीबी सिटी सहित कई टाउनशिप हैं, वहां कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार जूनी इंदौर भिसे ने ही कार्रवाई की थी और इस अवसर पर एसडीएम जूनी इंदौर प्रदीप सोनी भी मौजूद रहे। पीपल्याकुमार स्थित जमीन खसरा नंबर 294, जो कि शासकीय भूमि के रूप में राजस्व अभिलेखों पर दर्ज है, उस पर बनी 11 दुकानों को तोडक़र मां की बगिया नगर निगम के माध्यम से विकसित करवाई। उसी वक्त पास के भूखंड पर लगे बोर्ड को भी निगम के जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर ने हटवा दिया था। मगर हफ्तेभर पहले इसी भूखंड पर, जो कि किसी थाना प्रभारी का बताया जाता है, आधा दर्जन नई गुमटियां तैयार हो गईं। जब इसकी शिकायत एसडीएम सोनी और तहसीलदार को की गई तो तहसीलदार भिसे ने बताया कि कोर्ट ने ग्रीन बेल्ट पर काबिज गुमटियों और अन्य निर्माणों पर स्टे दिया था और स्टे के बावजूद नई गुमटियां कैसेबन सकती हैं। लिहाजा कल उन्होंने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर से सभी आधा दर्जन गुमटियों को जमींदोज करवा दिया। तहसीलदार के मुताबिक कोर्ट से स्टे भी खत्म करवाने के प्रयास चल रहे हैं और उसके बाद फिर पूरी जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराया जाएगा। यहां पर तुलसी नगर कॉलोनी बसाने वाली संस्था मां सरस्वती गृह निर्माण ने ग्रीन बेल्ट की जमीन पर भी भूखंड काटकर बेच दिए, जिन पर लाइन से अवैध दुकानें, गुमटियां तन गई हैं।