
नई दिल्ली। भारत के रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ने वाली है। DRDO के चेयरमैन समीर वी कामत ने हालही में एक बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा है कि भारत हाइपरसोनिक ग्लाइड और हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणालियों पर काम कर रहा है, जिनमें से ग्लाइड मिसाइल, विकास के मामले में आगे है। उन्होंने कहा, “हाइपरसोनिक मिसाइलों के संबंध में, हम दो कार्यक्रमों पर काम कर रहे हैं: हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल और हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल।”
कामत ने कहा, “हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल में स्क्रैमजेट इंजन होता है और उड़ान के दौरान इसे ऊर्जा मिलती है। वहीं हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल को शुरुआती रफ्तार देने के लिए बूस्टर का उपयोग किया जाता है और फिर यह बिना किसी ऊर्जा के ग्लाइड करती है।”
कामत ने इस बात के संकेत दिए हैं कि ग्लाइड मिसाइल का परीक्षण जल्द ही शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “ग्लाइड मिसाइल पहले आएगी। हमें जल्द ही पहले परीक्षण करने चाहिए और यह क्रूज मिसाइल की तुलना में अधिक उन्नत चरण में है।”
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