
उज्जैन। सोमवती अमावस्या के साथ ज्येष्ठ अधिकमास का समापन हो गया है। इसके साथ ही बुधवार से विवाह, सगाई, गृह प्रवेश और अन्य शुभ मांगलिक कार्यों पर लगी रोक भी समाप्त हो जाएगी। लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर शुभ आयोजनों की रौनक लौटेगी और शहर में शहनाइयों की गूंज सुनाई देने लगेगी।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 18 जून, गुरुवार को गुरु पुष्य नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसे खरीदारी के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन सोना-चांदी, आभूषण, वाहन, भूमि-भवन और इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीद विशेष फलदायी मानी गई है। व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी इस दिन ग्राहकों की अच्छी भीड़ रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि गुरु पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा माना जाता है। मान्यता है कि इस योग में खरीदी गई वस्तुएं स्थायी सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं। यही कारण है कि लोग इस दिन निवेश और बड़ी खरीदारी को प्राथमिकता देते हैं। इस बार गुरु पुष्य नक्षत्र के साथ सर्वार्थसिद्धि योग का भी शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस योग में किए गए शुभ कार्य सफलता और मंगल परिणाम देने वाले माने जाते हैं। अधिकमास की समाप्ति और इन शुभ योगों के कारण आगामी दिनों में विवाह समारोहों, धार्मिक आयोजनों और खरीदारी गतिविधियों में तेजी देखने को मिलेगी।
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