
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राबड़ी देवी बंगला विवाद को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि “कुछ लोगों को सरकारी आवास का मोह है। बेटा अलग घर चाहता है, माता जी अलग घर चाहती हैं और पिताजी अलग घर चाहते हैं।” सम्राट चौधरी ने सीधे तौर पर लालू परिवार पर निशाना साधा। उन्होंने आगे कहा कि “जिस दिन पार्टी और हमारे नेता कह देंगे कि आपका काम यहीं समाप्त होता है, मैं 24 घंटे के भीतर अपना झोला उठाकर वहां से चला जाऊंगा।” सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार को धन्यवाद कहते हुए कहा कि मैं 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री बना और 1 मई को नीतीश जी ने अपना सरकारी आवास खाली कर दिया और दूसरे घर में चले गए। इसके लिए मैं नीतीश जी को धन्यवाद कहना चाहता हूं।
सम्राट चौधरी ने कहा, “कुछ लोगों को चिंता लगी रहती है कि हमारा घर बचा रहे। मैं पिछले 10 वर्षों (2016-2026) तक कई बार मंत्री बना, उपमुख्यमंत्री बना, गृहमंत्री भी रहा, लेकिन मैं सरकारी घर में नहीं रहता था। मात्र 2400 स्क्वायर फीट के घर में रहता था। मैं 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री बना और 1 मई को नीतीश जी ने अपना सरकारी आवास खाली कर दिया और दूसरे घर में चले गए। इसके लिए मैं नीतीश जी को धन्यवाद कहना चाहता हूं। लोग उनको देखना चाहते हैं, जो लोकतंत्र का सेवक होते हैं। मैं जब मुख्यमंत्री आवास गया तो मैंने ये कहा कि बाहर लिखवा दीजिएगा कि ये लोकसेवक का आवास है। ये किसी का बपौती नहीं हो सकता, ये राजतंत्र नहीं है कि आपको जो घर मिला उसी में रहेंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं 1999 में सरकार में मंत्री के तौर पर आया। आज जिस घर में मैं हूं ये मेरा 11वां घर है। इनमें से मैं सिर्फ 3 घरों में रहा, बाकी सभी में मैंने सिर्फ अपना कार्यालय चलाया। कुछ लोगों को मोह है कि बेटा को अलग घर चाहिए, माता को अलग घर चाहिए, पिताजी को अलग घर चाहिए और जनता को छोड़ दीजिए। हम जनता के काम के लिए आए हैं। जिस दिन पार्टी और हमारे नेता कहेंगे कि आपका काम यहीं पर समाप्त होता है तो मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि सम्राट चौधरी 24 घंटे में अपना झोला उठाकर अपना प्राइवेट घर में चला जाएगा। हम जनता की भलाई के लिए आए हैं, हम अपने कल्याण के लिए नहीं आए हैं। जनता की भलाई की चिंता कीजिए, ये लोकतंत्र है।”
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