जीवनशैली स्‍वास्‍थ्‍य

डिप्थीरिया की समस्या से बचनें में मदद करेंगे ये उपाय

आज के इस आधुनिक जीवन में स्‍वस्‍थ्‍य रहना एक कठिन चुनोती के जैसा हो गया है । कई प्रकारी की बीमारियों का आगमन हुआ है लेकिन हमें अपने दैनिक जीवन व खान पान में बदलाव कर बचा जा सकता है । कभी-कभी लोगों को ऐसी समस्याएं हो जाती हैं, जिसका पता उन्हें चल पाता है, लेकिन बाद में वो गंभीर बन जाती हैं। ऐसी ही एक समस्या है डिप्थीरिया। यह एक गंभीर संक्रामक रोग है, जो दो से लेकर 10 साल तक की उम्र के बच्चों को अधिक होता है। इस बीमारी के कारण बुखार, गला खराब, ग्रंथियों में सूजन और कमजोरी आदि समस्याएं होती हैं। इसके संक्रमण का विशेष हानिकारक प्रभाव हृदय पर पड़ता है। कुछ मरीजों की तो इसकी वजह से दिल की धड़कन भी रुक जाती है, जिसके बाद उनकी मौत हो जाती है। हालांकि इसके शुरुआती लक्षण दिखते ही आप घरेलू उपाय अपनाकर उससे बच सकते हैं ।

डिप्थीरिया के लक्षण
नाक का बहना
गले में दर्द
बुखार
खुद को बहुत बीमार महसूस करना

डिप्थीरिया में फायदेमंद है लहसुन
लहसुन को कई बीमारियों के इलाज में बहुत ही बेहतरीन घरेलू उपाय माना जाता है, जिसमें डिप्थीरिया भी शामिल है। इसके लिए आप नियमित रूप से लहसुन की तीन-चार कलियों को चबाएं और फिर उन्हें निगल जाएं। इसके अलावा आप रोजाना एक-दो चम्मच पीसे हुए लहसुन का भी सेवन कर सकते हैं।

अनानास का जूस भी है फायदेमंद
अनानास का जूस दिन में कई बार पीने से डिप्थीरिया से छुटकारा पाया जा सकता है। यह जूस संक्रमण के लक्षणों में तो सुधार करता ही है, साथ ही इसमें बीटा कैरोटीन भी होता है, जो डिप्थीरिया के इलाज में मदद कर सकता है।

तुलसी के पत्ते से दूर हो सकता है डिप्थीरिया
तुलसी के पत्तों को कई बीमारियों में रामबाण इलाज की तरह माना जाता है। दरअसल, इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो श्वसन संक्रमण का इलाज करने में मदद करते हैं। पानी में तुलसी के पत्तों को डालकर पीने से डिप्थीरिया से छुटकारा पाया जा सकता है।

नोट: उपरोक्‍त दी गई जानकारी और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल की सलाह के रूप में न लें । उपरोक्‍त दिये गये सुझाव को अपनाने से पहले डॉक्‍टर की सलाह जरूर लें

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