नई दिल्ली। टाटा समूह (Tata Group) की रिटेल कंपनी ट्रेंट के लिए एक युग का अंत होने जा रहा है। कंपनी के चेयरमैन नोएल टाटा (Chairman Noel Tata) ने 74वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में संकेत दिया कि चेयरमैन के रूप में यह उनकी आखिरी बैठक होगी। उनके इस बयान ने ट्रेंट के उस सफर को फिर चर्चा में ला दिया, जिसमें एक छोटे रिटेल कारोबार को देश की सबसे सफल फैशन और लाइफस्टाइल कंपनियों में बदल दिया गया।
शेयरधारकों को संबोधित करते हुए 69 वर्षीय नोएल टाटा ने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, चेयरमैन के तौर पर यह मेरी आखिरी वार्षिक बैठक होगी।” उनके इस बयान को नवंबर में 70 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद टाटा समूह के विभिन्न बोर्डों से संभावित सेवानिवृत्ति की चर्चाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। वर्तमान में वे टाटा समूह के प्रमुख शेयरधारक संस्थान टाटा ट्रस्ट्स के भी अध्यक्ष हैं।
एक स्टोर से हजारों करोड़ के कारोबार तक का सफर
नोएल टाटा के नेतृत्व में ट्रेंट ने अभूतपूर्व विकास दर्ज किया। वित्त वर्ष 2014 में जहां कंपनी का राजस्व 2,333 करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2026 तक यह बढ़कर 20,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया। घाटे से जूझ रही कंपनी को उन्होंने देश के सबसे लाभदायक और तेजी से बढ़ते रिटेल कारोबारों में शामिल कर दिया।
मां सिमोन टाटा की सोच से जन्मी थी ट्रेंट
ट्रेंट की नींव स्वर्गीय सिमोन टाटा ने रखी थी। लैक्मे कारोबार को हिंदुस्तान यूनिलीवर को बेचने के बाद उन्होंने रिटेल सेक्टर में कदम रखा। नोएल टाटा ने AGM में याद किया कि कंपनी का पहला वेस्टसाइड स्टोर 1998 में बेंगलुरु के कमर्शियल स्ट्रीट इलाके में शुरू हुआ था। उसी एक स्टोर से शुरू हुई यात्रा आज देशभर में फैले विशाल रिटेल नेटवर्क तक पहुंच चुकी है।
वेस्टसाइड ने पहचान दिलाई, जूडियो ने रफ्तार
ट्रेंट की सफलता में वेस्टसाइड की अहम भूमिका रही, लेकिन कंपनी के विस्तार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का श्रेय जूडियो को दिया जाता है। वर्ष 2016 में पुरुषों के किफायती फैशन ब्रांड के रूप में शुरू हुआ जूडियो आज महिलाओं, बच्चों और फैशन एक्सेसरीज के क्षेत्र में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुका है।
भारतीय मध्यम वर्ग की जरूरतों को समझते हुए कम कीमत में ट्रेंडी और फैशनेबल उत्पाद उपलब्ध कराने की रणनीति ने जूडियो को बड़ी सफलता दिलाई। यही वजह रही कि स्टोर संख्या और कारोबार दोनों के मामले में जूडियो ने वेस्टसाइड को भी पीछे छोड़ दिया।
सप्लाई चेन और प्राइवेट लेबल बने सफलता की कुंजी
विशेषज्ञों का मानना है कि जूडियो की सफलता केवल कम कीमतों का परिणाम नहीं है, बल्कि ट्रेंट की मजबूत सप्लाई चेन, प्राइवेट लेबल रणनीति और उपभोक्ताओं की बदलती पसंद को समझने की क्षमता ने इसे बाजार में अलग पहचान दिलाई। यही मॉडल कंपनी के विस्तार का प्रमुख आधार बना।
नोएल टाटा की विदाई के साथ ट्रेंट के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त होने जा रहा है। हालांकि उनके नेतृत्व में तैयार की गई रणनीतियां और स्थापित ब्रांड आने वाले वर्षों में भी कंपनी की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते रहेंगे।
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