
नई दिल्ली । झारखंड (Jharkhand) के खूंटी (Khunti) जिले के तोरपा क्षेत्र में रथयात्रा (RathYatra) के दौरान मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। स्कूल के लंच ब्रेक के समय भगवान जगन्नाथ के रथ को हटाने के दौरान वह 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया। देखते ही देखते रथ में करंट (Current) दौड़ गया और उसकी चपेट में आए दो स्कूली छात्रों की मौके पर ही मौत (Death) हो गई, जबकि छह अन्य छात्र गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों में एक छात्र की हालत चिंताजनक बताई जा रही है और उसका उपचार जारी है।
घटना तोरपा स्थित श्री हरि प्लस टू विद्यालय के समीप हुई, जहां मंदिर परिसर में रथयात्रा का रथ रखा गया था। दोपहर के भोजनावकाश के दौरान कई छात्र परिसर के आसपास मौजूद थे। इसी दौरान रथ को हटाने का प्रयास किया गया। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार रथ ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे पूरे ढांचे में करंट फैल गया। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग बच्चों को बचाने के लिए दौड़ पड़े।
हादसे के तुरंत बाद सभी घायलों को स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से खूंटी सदर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने दो छात्रों को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य घायलों का इलाज शुरू किया गया। डॉक्टरों के अनुसार अधिकांश छात्र बिजली के झटके से झुलसे हैं और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। एक घायल छात्र की गंभीर स्थिति को देखते हुए विशेष उपचार की व्यवस्था की गई है।
घटना की सूचना मिलते ही मृतक छात्रों के परिजन अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। एक मृतक छात्र के पिता ने बताया कि करंट लगने की सूचना मिलते ही वे तुरंत अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक उनके बेटे की मौत हो चुकी थी। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और स्थानीय लोगों में भी गहरा दुख देखा जा रहा है।
हादसे के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू कर दी है। खूंटी के उपायुक्त ने कहा कि यह अत्यंत दुखद घटना है और यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर चूक हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
राज्य सरकार ने भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शोक जताते हुए मृतक छात्रों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
यह घटना सार्वजनिक आयोजनों और धार्मिक रथयात्राओं के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लाती है। विशेष रूप से हाईटेंशन बिजली लाइनों के आसपास किसी भी बड़े रथ या ऊंचे ढांचे को ले जाने से पहले सुरक्षा उपायों की अनदेखी गंभीर हादसों का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों में प्रशासन, आयोजन समिति और बिजली विभाग के बीच बेहतर समन्वय तथा पूर्व निरीक्षण से इस प्रकार की दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोग हादसे के कारणों की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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