img-fluid

सफाई कर्मचारी को इंजीनियर बनाकर निकाले लाखों के बिल

October 15, 2026

  • चरगवां स्कूल में सरकारी धन के बंदरबांट का भंडाफोड़, आरटीआई से खुली सांदीपनि स्कूल में धांधली की पोल

जबलपुर। जिले के चरगवां स्थित शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक स्कूल में सरकारी बजट के दुरुपयोग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां राष्ट्रीय पर्व पर बच्चों को शासन के निर्देशानुसार पेड़े बांटने के स्थान पर लड्डू वितरित किए गए, जबकि कागजों में बिरयानी, रसगुल्ला और पुलाव खिलाना दर्ज कर दिया गया। अहमदपुरा निवासी दुर्गेश चढ़ार द्वारा सूचना के अधिकार से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर फरवरी 2023 में शिकायत दर्ज कराई गई थी। तत्कालीन संयुक्त संचालक अरुण कुमार इंगले द्वारा कराई गई जांच दिसंबर 2024 में पूरी हुई, जिसमें सभी वित्तीय अनियमितताएं प्रमाणित पाई गईं। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय ने कमिश्नर ऑफिस को पत्र भेजकर तत्कालीन प्राचार्य भगवान सिंह पटेल पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश कर दी है। स्कूल में भवन की छत जर्जर हालत में है और टॉयलेट के दरवाजे टूटे पड़े हैं, फिर भी मरम्मत और निर्माण के नाम पर फर्जी बिल पास कर लिए गए।



  • निचले स्टाफ को तकनीकी विशेषज्ञ बनाकर निकाले रुपए
    दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को तकनीकी कार्यों का कर्ताधर्ता बताकर भारी-भरकम राशि आहरित की गई। सफाईकर्मी हीरालाल झारिया के नाम पर मजदूरी, रंगाई-पुताई, मिट्टी समतलीकरण, शौचालय निर्माण, नल कनेक्शन और पुष्प सज्जा के काम दर्ज किए गए। इसी तरह प्यून आशीष और अतुल के साथ मिलकर चबूतरे व पेड़ों की सफाई के 3,600 रुपए, पाइप पुताई के 1,000 रुपए तथा कमरों की छपाई के 4,100 रुपए के बिल लगाए गए। परिसर में झाडिय़ों की कटाई के नाम पर 1,500 रुपए और नलकूप से मोटर बाहर निकालने के लिए 7,500 रुपए का भुगतान किया गया। मोनू इलेक्ट्रिक के माध्यम से एक वर्ष में टेंट व्यवस्था के 5 बिल बनाकर 5,300 रुपए निकाले गए, जबकि जूते-चप्पल रखने के रैक का बिल 8,000 रुपए दर्ज किया गया।

    जयपुर से स्याही खरीद और पौधे सिर्फ कागजी
    दफ्तर के प्रिंटर की इंक खरीदने के लिए बाजार छोड़कर जयपुर का बिल लगाया गया। स्कूल परिसर को सुंदर दिखाने के लिए गमलों में हरियाली और फूलों की सजावट का व्यय दिखाया गया, लेकिन धरातल पर पौधे नदारद मिले। विद्यार्थियों के हाथ धोने के लिए हैंडवॉश प्लेटफॉर्म निर्माण के नाम पर भी सरकारी खजाने से बड़ी रकम निकाली गई। भौतिक सत्यापन के दौरान अधिकारियों को निर्माण कार्यों के कई दावे पूरी तरह नदारद मिले, जिससे साबित हुआ कि रिकॉर्ड में दिखाए गए काम जमीन पर शुरू नहीं किए गए।

    Share:

  • गंभीर डेम में अभी 4 महीने का पानी, लेकिन 3 महीने में भी खत्म हो सकता है

    Thu Oct 15 , 2026
    अब बारिश की संभावना नहीं-नर्मदा का जल मंगवाएंगे पीने के लिए उज्जैन। इस बार औसत से कम बारिश ने उज्जैन शहर की जलापूर्ति की चिंता बढ़ा दी है। जिले में सामान्य से करीब 33 प्रतिशत कम बारिश होने के कारण शहर की प्यास बुझाने वाले गंभीर बांध में पर्याप्त पानी जमा नहीं हो पाया। बांध […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved