
नई दिल्ली ।गंगा स्नान (Ganga Bath) से जुड़े दो वीडियो (Viral Videos) इन दिनों सोशल मीडिया (Social Media) पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। दोनों वीडियो में गंगा में स्नान करती महिला के दृश्य दिखाई देते हैं, लेकिन दोनों में महिला का रूप और पहनावा अलग नजर आता है। एक वीडियो में महिला बेहद कम कपड़ों में स्नान करती दिखाई दे रही है, जबकि दूसरे वीडियो में सलवार सूट (Salwar Suit)पहने महिला गंगा में स्नान करती नजर आती है। दोनों वीडियो में आगे दिखाई देने वाली गतिविधियां (Activities)काफी हद तक समान हैं। इसी वजह से इनके वास्तविक (Authenticity)होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं और AI (Artificial Intelligence) के जरिए वीडियो में छेड़छाड़ (AI Manipulation) की आशंका जताई (Suspicion)जा रही है।
पहले वायरल वीडियो में एक महिला गंगा में स्नान करती और डुबकी लगाती दिखाई देती है। इसी दौरान एक युवक भी गंगा स्नान के लिए जाता नजर आता है। इसके बाद एक बुजुर्ग व्यक्ति को भी गंगा की ओर जाते हुए दिखाया गया है। वीडियो को सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावों के साथ साझा किया जा रहा है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इसे कब और कहां रिकॉर्ड किया गया था। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की भी पुष्टि नहीं हुई है।
इसके बाद सामने आए दूसरे वीडियो में महिला सलवार सूट पहने हुए गंगा में स्नान करती नजर आती है। इस वीडियो में महिला का पहनावा पहले वीडियो से अलग है, लेकिन उसके बाद युवक और बुजुर्ग के गंगा की ओर जाने की गतिविधियां पहले वीडियो से काफी मिलती-जुलती दिखाई देती हैं। दोनों वीडियो में घटनाओं के इस तरह समान नजर आने से इनके साथ डिजिटल तरीके से छेड़छाड़ किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि, अभी तक यह आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि इनमें से कोई वीडियो AI की मदद से तैयार किया गया है या उसमें किसी तरह का डिजिटल बदलाव किया गया है। दोनों वीडियो की तारीख, वास्तविक स्थान और पूरी पृष्ठभूमि की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे दावों को फिलहाल प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
मामले को लेकर श्रीगंगा सभा की ओर से चिंता जताई गई है। श्रीगंगा सभा के अध्यक्ष और उत्तराखंड सरकार में राज्यमंत्री नितिन गौतम ने कहा कि उन्होंने भी सोशल मीडिया के माध्यम से वीडियो देखा है। उनका कहना है कि यदि AI तकनीक के जरिए महिलाओं की तस्वीरों को इस तरह गंगा के बीच दिखाया जा रहा है, तो यह निंदनीय है और तीर्थ क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है।
नितिन गौतम ने ऐसे वीडियो तैयार करने और प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक मर्यादा के उल्लंघन के मामले में भी कार्रवाई होनी चाहिए। उनके अनुसार तकनीक के जरिए इस तरह की सामग्री तैयार कर उसे सोशल मीडिया पर फैलाना गंभीर विषय है।
फिलहाल दोनों वीडियो की वास्तविकता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। यह भी निश्चित नहीं है कि दोनों वीडियो एक ही स्थान के हैं या नहीं। वीडियो में गतिविधियों की समानता और महिला के दृश्य में अंतर ने AI से छेड़छाड़ की आशंका जरूर पैदा की है, लेकिन इसकी पुष्टि तकनीकी और तथ्यात्मक जांच के बाद ही हो सकेगी। तब तक सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों को सत्य मानने से बचना जरूरी है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved