img-fluid

भाजपा छोड़ना फैसला था या मजबूरी? शहजाद पूनावाला ने दिया जवाब, बोले- हालात नहीं होते तो कभी नहीं छोड़ता

September 21, 2026

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला (Shehzad Poonawalla) ने पार्टी छोड़ने के अपने फैसले को लेकर एक बार फिर स्थिति स्पष्ट की है। हालिया इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि भाजपा छोड़ना उनका फैसला था या मजबूरी, तो उन्होंने इसे “मजबूरी वाला फैसला” बताया। पूनावाला ने कहा कि यदि ऐसे हालात नहीं होते तो वह भाजपा कभी नहीं छोड़ते।

पूनावाला ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में वह दोबारा सक्रिय राजनीति में आते हैं तो भाजपा के अलावा किसी अन्य दल में जाने की उनकी इच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ने का मतलब विचारधारा से अलग होना नहीं है।

नेताओं ने रोकने की कोशिश की थी

पूनावाला के मुताबिक, भाजपा में दूसरे स्तर से लेकर शीर्ष स्तर तक कई नेताओं ने उनसे बात की थी और उन्हें यह समझाने का प्रयास किया था कि पार्टी उनके लिए किस तरह और मदद कर सकती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने नेताओं को अपनी स्थिति समझाते हुए बताया कि वह निजी क्षेत्र में जाकर भी योगदान दे सकते हैं।

पूनावाला ने बताया कि इसके बाद नेताओं ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए उन्हें अच्छे तरीके से जाने की बात कही। उनके अनुसार, पार्टी नेताओं से उनके संबंध आगे भी सौहार्दपूर्ण बने रहेंगे।


  • आर्थिक दबाव का किया था जिक्र

    भाजपा छोड़ने के बाद अगस्त में दिए इंटरव्यू में भी पूनावाला ने आर्थिक स्थिति को इस्तीफे की प्रमुख वजहों में बताया था। उन्होंने कहा था कि राजनीतिक दल अपने प्रवक्ताओं या कार्यकर्ताओं को नियमित वेतन नहीं देते और राजनीति में रहते हुए उनके लिए घर का खर्च और किराया संभालना मुश्किल हो गया था।

    उन्होंने यह भी कहा था कि वह पहले कॉरपोरेट सेक्टर में काम कर चुके हैं और अब निजी क्षेत्र में लौटकर अपनी आर्थिक जरूरतें पूरी करना चाहते हैं। पूनावाला के मुताबिक, भाजपा में प्रवक्ता के रूप में काम करना उनके लिए नौकरी नहीं, बल्कि विचारधारा से जुड़ा दायित्व था।

    ‘पार्टी छोड़ी है, विचारधारा नहीं’

    पूनावाला ने अपने इस्तीफे के बाद स्पष्ट किया था कि उन्होंने भाजपा छोड़ी है, लेकिन पार्टी की विचारधारा के प्रति उनका रुख नहीं बदला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति अपना समर्थन जारी रखने की बात भी कही थी।

    जुलाई में दिया था इस्तीफा

    शहजाद पूनावाला ने जुलाई में भाजपा से इस्तीफा दिया था। इस्तीफे के दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के प्रति आभार जताया था। इसके बाद उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कहा था कि यदि वह फिर राजनीति में सक्रिय होते हैं तो भाजपा के साथ ही रहेंगे।

    पूनावाला लंबे समय तक टेलीविजन डिबेट में भाजपा का पक्ष रखते रहे। भाजपा में आने से पहले वह कांग्रेस से जुड़े हुए थे। अब उन्होंने निजी क्षेत्र में लौटने की इच्छा जताई है और फिलहाल सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने की बात कही है।

    Share:

  • सोने की ज्वेलरी खरीदना हुआ महंगा, हॉलमार्किंग फीस 45 से बढ़कर 75 रुपए, 18% GST भी देना होगा

    Mon Sep 21 , 2026
    नई दिल्ली। सोने (Gold) की कीमतों में तेजी के बीच ज्वेलरी (Jewelry) खरीदने वालों के लिए एक और खर्च बढ़ गया है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग फीस (Hallmarking fee) में करीब 66.7% की बढ़ोतरी की है। अब प्रति आभूषण हॉलमार्किंग शुल्क 45 रुपए से बढ़कर 75 रुपए हो गया […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved