
नई दिल्ली। टाटा समूह (Tata Group) के दिवंगत चेयरमैन रतन टाटा (Ratan Tata) के करीबी सहयोगी रहे मेहली मिस्त्री (Mehli Mistry) ने उन्हें न्यासी (ट्रस्टी) पद से हटाए जाने के फैसले को चैरिटी कमिश्नर (Charity Commissioner) के समक्ष चुनौती दी है। पिछले साल 23 अक्टूबर को मेहली को सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (एसडीटीटी) और बाई हीराबाई जमशेदजी टाटा नवसारी चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन के ट्रस्टी पद से हटा दिया गया था। हितों के टकराव का मामला उठाया: एसडीटीटी और सर रतन टाटा ट्रस्ट (एसआरटीटी) ने ट्रस्ट के संचालन के तौर-तरीकों और हितों के टकराव से जुड़े मामलों को चुनौती देने के मेहली के कानूनी अधिकार पर भी सवाल उठाए थे।
मूल डीड में कार्यकाल की सीमा नहीं
मिस्त्री ने जवाबी हलफनामों में न्यासों के खिलाफ अपनी आपत्तियां दोहराते हुए कहा कि मूल डीड में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो ट्रस्टी का कार्यकाल तीन साल तक सीमित करता हो। उन्होंने सवाल उठाया कि चेयरमैन नोएल टाटा को जो लाभ मिला, वह उन्हें क्यों नहीं दिया गया।
टाइटन के निदेशक पद से इस्तीफा देंगे नोएल
12 नवंबर से प्रभावी होगा फैसला: टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल एन. टाटा 12 नवंबर, 2026 से आभूषण और घड़ी निर्माता कंपनी टाइटन कंपनी लिमिटेड के निदेशक और वाइस चेयरमैन पद से सेवानिवृत्त हो जाएंगे। यह कदम टाटा समूह के संचालन संबंधी दिशानिर्देशों के तहत उठाया गया है। टाइटन ने एक नियामक फाइलिंग में यह जानकारी दी। 69 वर्षीय नोएल टाटा पहले ही टाटा समूह की कई अन्य कंपनियों के बोर्ड से हट चुके हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved