
कोलकाता । पश्चिम बंगाल (West Bengal) में टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार (TMC MP Kakoli Ghosh Dastidar) को लेकर एक अहम फैसला लिया गया है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई. केंद्र सरकार (Central government) ने उन्हें Y कैटेगरी सुरक्षा (Y-Category Security) दी है, जिसमें सीआईएसएफ के कुल 8 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं.
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने हाल ही में अपनी महिला सांसद काकोली घोष को लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) पद से हटा दिया. उनकी जगह अब कल्याण बनर्जी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है. यानी टीएमसी ने जिस सांसद को चीफ व्हिप पद से हटाया, उसी को केंद्र सरकार ने वाई कैटेगरी सुरक्षा दे दी है.
बता दें, यह फैसला तब आया है जब टीएमसी के कई अन्य नेताओं की सुरक्षा हाल ही में घटाई गई थी.
काकोली घोष दस्तीदार की सुरक्षा बढ़ाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं हैं. कुछ लोगों ने इसे ‘बीजेपी का बंगाल में खेला जारी’ बता रहे हैं. उनकी दलील यह है कि जिन विपक्षी नेताओं की सुरक्षा केंद्र सरकार बढ़ाती है, वे कुछ समय बाद बीजेपी में शामिल हो जाते हैं.
क्या काकोली घोष होंगी BJP में शामिल?
लोगों का कहना है कि एक पैटर्न देखने को मिला है. राघव चड्ढा को 15 अप्रैल को Z कैटेगरी सुरक्षा मिली और 24 अप्रैल को उन्होंने बीजेपी जॉइन कर ली. झारखंड में चंपई सोरेन को अगस्त 2024 में Z+ सुरक्षा दी गई और तीन दिन बाद वे बीजेपी में शामिल हो गए. यूपी में मनोज पांडेय को Y कैटेगरी सुरक्षा मिलने के बाद वे राज्यसभा चुनाव में बीजेपी का साथ देते दिखे और अब मंत्री बन चुके हैं.
वहीं इससे पहले शुभेंदु अधिकारी को दिसंबर 2020 में Z कैटेगरी सुरक्षा मिली और अगले ही दिन उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया.
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