
अयोध्या । राम मंदिर चढ़ावा चोरी में (Regarding theft of Ram Mandir Offerings) चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर (Against Champat Rai, Anil Mishra and Gopal Rao) भी एफआईआर दर्ज होगी (Will FIR also be Registered) ? फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी में चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर एफआईआर दर्ज करने का अधिकारियों ने आश्वासन दिया ।
अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के चंदे के विवाद को लेकर अयोध्या जिला अदालत के वकीलों ने राम जन्मभूमि पुलिस थाने की ओर मार्च निकाला। यह मार्च चंपत राय, अनिल मिश्रा, और गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर निकाला गया। इस मार्च में भारी संख्या में वकीलों ने हिस्सा लिया। वकीलों ने दावा किया कि जब तक एफआईआर नहीं होती, हम शांत नहीं होने वाले हैं। इस दौरान सड़कों पर जय श्री राम के नारे भी गूंजते रहे। वकीलों की भारी संख्या में निकाले जा रहे मार्च को सिविल लाइंस पुलिस चौकी के समीप पुलिस ने रोक दिया।
फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा के नेतृत्व में वकील राम जन्मभूमि पुलिस थाने पर चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कचहरी से रवाना हुए थे। पुलिस अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद अधिकांश वकील कचहरी परिसर लौट गए, हालांकि कुछ वकीलों को चौकी पर रोका गया। अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने दावा किया कि हमारी शिकायत पर चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन अधिकारियों ने दिया है। हमारा प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधिकारियों से लगातार बातचीत कर रहा है, लेकिन तब तक हम संतुष्ट नहीं हैं, जब तक एफआईआर दर्ज नहीं हो जाती। यदि एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो हम फिर से कूच करेंगे।
उन्होंने कहा कि पुलिस हमारी बात मानेगी तभी हम लौटेंगे अन्यथा हम रूकने वाले नहीं हैं। यहां पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। चौकी सिविल लाइंस में एफआईआर लिखने की कार्रवाई को शुरू कर दिया गया है। हालांकि, जब तक एफआईआर की कॉपी नहीं मिलती तब तक हम लोग संतुष्ट नहीं हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने तो वादा किया है कि अगर एफआईआर दर्ज नहीं होती है तो सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। वकीलों का कहना है कि वे राम जन्मभूमि पुलिस थाने पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए अडिग हैं। कुछ अधिवक्ताओं का दावा है कि पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी होगी। हम सभी इसी के लिए यहां पर एकजुट हुए हैं।
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