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सोशल मीडिया को लेकर दुनिया बंटी, 37 देशों के सर्वे में 35% ने लोकतंत्र के लिए बताया नुकसानदेह

October 04, 2026

नई दिल्ली: सोशल मीडिया (Social Media) के लोकतंत्र(Democracy) पर प्रभाव को लेकर दुनियाभर (world wird)में लोगों की राय बंटी हुई है। 37 देशों (37 Countries) में किए गए एक सर्वे के मुताबिक, 35% लोगों का मानना है कि सोशल मीडियाने लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया है, जबकि 55% लोगों ने इसे लोगों को जागरूक करने और राजनीति (Political Impact)में अपनी बात रखने का मंच माना। सर्वे के नतीजों में अलग-अलग देशों के लोगों की राय में बड़ा अंतर सामने आया है। खासतौर पर उच्च आय वाले देशों में सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव को लेकर चिंता अधिक दिखाई दी।

अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड जैसे उच्च आय वाले देशों में आधे से अधिक लोगों का मानना है कि सोशल मीडिया लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रहा है। अमेरिका में 64% वयस्कों ने सोशल मीडिया को लोकतंत्र के लिए खतरनाक माना। वहीं कनाडा में 55%, ब्रिटेन में 56%, जर्मनी में 61% और फ्रांस में 65% लोगों ने इसे लोकतंत्र के लिए नुकसानदेह बताया। इसके मुकाबले इन देशों में सोशल मीडिया को लोकतंत्र के लिए अच्छा मानने वालों का अनुपात कनाडा में 40%, अमेरिका में 34%, ब्रिटेन में 41%, जर्मनी में 37% और फ्रांस में 31% रहा।

भारत में सोशल मीडिया और इंटरनेट को लेकर लोगों की राय अपेक्षाकृत सकारात्मक रही। सर्वे के अनुसार, 66% भारतीयों ने माना कि सोशल मीडिया और इंटरनेट से ताजा घटनाओं की जानकारी मिलती है, जबकि 55% ने इसे राजनीति में अपनी आवाज बुलंद करने का साधन माना। हालांकि, इसके नकारात्मक पहलुओं को लेकर भी बड़ी संख्या में लोगों ने चिंता जताई। भारत में 62% लोगों का मानना है कि सोशल मीडिया लोगों को गुमराह करना आसान बनाता है, जबकि 51% ने राजनीतिक विचारों के आधार पर विभाजन को इसके नुकसान के तौर पर देखा।

अन्य देशों के आंकड़ों में भी सोशल मीडिया को लेकर अलग-अलग राय सामने आई। पाकिस्तान में 33% लोगों ने इसे नुकसानदेह और 62% ने फायदेमंद माना। बांग्लादेश में 28% लोगों ने नुकसान और 67% ने फायदा बताया। श्रीलंका में 35% लोगों ने इसे नुकसानदेह और 54% ने लाभकारी माना। जापान में 43% लोगों ने सोशल मीडिया को लोकतंत्र के लिए बुरा, जबकि 48% ने अच्छा माना। इन आंकड़ों से अलग-अलग देशों में सोशल मीडिया के लोकतांत्रिक प्रभाव को लेकर लोगों की सोच में अंतर दिखाई देता है।


  • सर्वे के समग्र आंकड़ों में एक तरफ 35% लोगों ने सोशल मीडिया को लोकतंत्र के लिए नुकसानदेह माना, तो दूसरी ओर 55% ने इसे जागरूकता और राजनीतिक भागीदारी के लिए उपयोगी बताया। भारत में भी इसके फायदे और नुकसान दोनों को लेकर राय सामने आई है। एक ओर बड़ी संख्या में लोग इसे ताजा घटनाओं की जानकारी और राजनीतिक अभिव्यक्ति का माध्यम मानते हैं, वहीं दूसरी ओर गुमराह किए जाने और राजनीतिक विचारों के आधार पर विभाजन को लेकर भी चिंता जताई गई है। इस तरह 37 देशों में हुए सर्वे में सोशल मीडिया को लेकर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की राय सामने आई।

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