img-fluid

भारत की नागरिकता के नियम हुए सख्त, पाकिस्तान-बांग्लादेश का पासपोर्ट करना होगा सरेंडर

May 19, 2026

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकता (Indian Citizenship) हासिल करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने नागरिकता नियमों में संशोधन करते हुए नया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। नए नियमों के तहत अब कुछ विदेशी आवेदकों को भारत की नागरिकता लेने से पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के पासपोर्ट से जुड़ी पूरी जानकारी देनी होगी। इतना ही नहीं, नागरिकता मंजूर होने के बाद ऐसे पासपोर्ट सरेंडर करना भी अनिवार्य होगा।

क्या है नया प्रावधान?

गृह मंत्रालय की ओर से जारी ड्राफ्ट के अनुसार नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत 2009 के नियमों में संशोधन किया गया है। इसके लिए अनुसूची IC में नया पैराग्राफ (iiiA) जोड़ा गया है।

नए नियम के मुताबिक, नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले लोगों को यह बताना होगा कि उनके पास पाकिस्तान, अफगानिस्तान या बांग्लादेश का वैध या एक्सपायर हो चुका पासपोर्ट है या नहीं। यदि उनके पास इनमें से किसी देश का पासपोर्ट है, तो उसकी पूरी जानकारी देना जरूरी होगा।

आवेदन में पासपोर्ट नंबर, जारी होने की तारीख, जारी करने वाली जगह और उसकी वैधता खत्म होने की तारीख जैसी जानकारियां शामिल करनी होंगी।


  • 15 दिन के भीतर जमा करना होगा पासपोर्ट

    सरकार ने साफ किया है कि भारतीय नागरिकता मिलने के 15 दिनों के भीतर विदेशी पासपोर्ट संबंधित अधिकारियों के पास जमा कराना होगा। इसके लिए आवेदकों को लिखित सहमति भी देनी पड़ेगी।

    नोटिफिकेशन के अनुसार पासपोर्ट संबंधित सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पोस्ट या सुपरिटेंडेंट ऑफ पोस्ट को सौंपना होगा। यह नया नियम आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही लागू माना जाएगा।

    गृह मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव मुख्य रूप से सत्यापन और रिकॉर्ड प्रबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।

    e-OCI और डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा

    इसी महीने केंद्र सरकार ने नागरिकता नियमों में अन्य अहम बदलाव भी किए थे। सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया यानी e-OCI कार्ड की शुरुआत की है। इसके तहत आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन बनाया जा रहा है।

    सरकार ने नाबालिगों के दोहरे पासपोर्ट से जुड़े नियम भी पहले से ज्यादा सख्त किए हैं। इसके अलावा फिजिकल दस्तावेजों की जगह डिजिटल पहचान को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे प्रवासी भारतीयों के लिए प्रक्रिया आसान हो सके।

    बायोमेट्रिक जानकारी देना भी जरूरी

    नए प्रावधानों के तहत आवेदकों को अपना बायोमेट्रिक डेटा साझा करने की सहमति भी देनी होगी। सरकार का कहना है कि इससे फास्ट-ट्रैक इमिग्रेशन प्रक्रिया को लागू करने और भविष्य में ऑटोमैटिक एनरोलमेंट जैसी सुविधाओं को आसान बनाने में मदद मिलेगी।

    Share:

  • OTT पर फ्री टीवी चैनलों पर लग सकती है रोक, TRAI के फैसले पर टिकी केबल–DTH कंपनियों की नजर

    Tue May 19 , 2026
      नई दिल्ली(New Delhi)। भारत (India)में फ्री एड-सपोर्टेड स्ट्रीमिंग टीवी (FAST) और OTT प्लेटफॉर्म्स पर चल रहे लाइव टीवी चैनलों ( regarding live TV channels)को लेकर बड़ा विवाद (A major dispute)खड़ा हो गया है। केबल और DTH ऑपरेटर्स का कहना है कि Tata Play, Airtel Digital TV(Tata Play, Airtel Digital TV,) और अन्य पारंपरिक सेवाओं […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved