
बीजिंग। सोशल मीडिया (Social Media) पर कंटेंट बनाना और ऑनलाइन लाइवस्ट्रीमिंग (Online Livestreaming) अक्सर शौक में शुमार होता है। लेकिन चीन में अब यह बेरोजगारी का चेहरा। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें नजर आ रहा है कि चीन की सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया पर ऑनलाइन रहने की जद्दोजहद में लगे हैं। बताया जा रहा है कि यह सभी लोग बेरोजगार हैं और अपने लिए एक टाइम खाना जुटाने के संघर्ष में जुटे हुए हैं। यह वीडियो दिखाता है कि चीन में बेरोजगारी का आलम किस स्तर तक पहुंच गया है। यहां पर बड़ी संख्या में युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है। इसके चलते यहां के युवा यह रास्ता अपनाने पर मजबूर हुए हैं।
सोशल मीडिया पर कई दावे
सोशल मीडिया पर इसको लेकर कई दावे किए जा रहे हैं। इसमें कहा जा रहा है कि चीन में बेरोजगारी का स्तर काफी बढ़ चुका है। पढ़े-लिखे नौजवानों को अब नौकरियां नहीं मिल रही हैं। इसके चलते वह लोग सोशल मीडिया पर लाइव स्ट्रीमिंग के लिए मौजूद हैं। तमाम नौजवान तो लगातार 24 घंटे लाइव स्ट्रीमिंग कर रहे हैं ताकि वह अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी कर सकें। इसमें दो वक्त की रोटी भी शामिल हैं। यह लोग ऑनलाइन रहते हुए डिजिटल गिफ्ट्स की मांग कर रहे हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
एक्सपर्ट्स के मुताबिक चीन में लाइवस्ट्रीमिंग और ई-कॉमर्स का बाजार खरबों डॉलर तक पहुंच चुका है। इसमें 10 करोड़ से ज्यादा लोग रोजगार की तलाश में कूद पड़े हैं। ऐसा करने वालों में 50 फीसदी से अधिक युवा काफी ज्यादा पढ़े-लिखे हैं। हालांकि, कंटेंट क्रिएशन की इस चमकीली दुनिया के पीछे एक खतरनाक काला सच है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंटेंट क्रिएशन की इस इंडस्ट्री में केवल 0.4% टॉप क्रिएटर्स ही बड़ी कमाई करते हैं। वहीं, 95% से अधिक क्रिएटर्स हर महीने 50 हजार रुपए से भी कम कमाई कर पाते हैं।
चलता-फिरता स्टूडियो
लगातार ऑनलाइन बने रहने के लिए चीन के यह युवा खासी मशक्कत करते हैं। इस दौरान उनके पास एक स्मार्टफोन, एक रिंगलाइट और एक्टिव इंटरनेट कनेक्शन होता है। इसके साथ ही गलियां और पब्लिक स्पेस एक चलते-फिरते स्टूडियो में तब्दील हो जाते हैं। इस दौरान हर किसी की कोशिश होती है कि वह अधिक से अधिक दर्शकों के साथ जुड़ सके। हालांकि कंटेंट क्रिएटर्स की लगातार बढ़ती भीड़ में यह करना इतना आसान भी नहीं है।
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