
इन्दौर। नेशनल ऑटोमोटिव टेस्ट ट्रैक्स (NATRAX) की सीमा के अंदर रेस्क्यू ऑपरेशन (rescue operation) चलाकर कई नीलगाय (Nilgai) को पकड़ा गया। कल अक्षय तृतीया (akshay trteeya) पर मुख्यमंत्री (CM) की तीर्थस्थल जानापाव सम्बन्धित हवाई और सडक़ यात्रा के चलते उनके हेलिकॉप्टर को उतारने और उड़ान भरने के लिए नेट्रेक्स पर हेलीपैड बनाया जाना था। इसी के चलते यहां 4 दिनों तक गोपनीय तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लगभग 9 नीलगायों को पकड़ा गया।
वैसे तो नीलगाय को पकडऩे के लिए हर साल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाता है, मगर मुख्यमंत्री मोहन यादव की पहले से तय जानापाव यात्रा को लेकर प्रस्तावित हेलीपैड के लिए भोपाल वन विभाग से मिले दिशानिर्देश के अनुसार नेट्रेक्स में नीलगाय पकडऩे का रेस्क्यू ऑपरेशन 13 अप्रैल से शुरू किया गया था, जो लगभग 4 दिन तक चला। इस दौरान फारेस्ट विभाग की स्पेशल रेस्क्यू टीम ने 29 नीलगायों का रेस्क्यू किया। वैसे वाहनों की स्पीड एंड ऑटो टेस्टिंग के पहले नीलगाय पकडऩे के लिए नेट्रेक्स में हर साल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाता है। लगभग 4 दिन तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पकड़ी गई सभी नीलगाय को कहां छोड़ा गया इस बारे में जानकारी देने से इनकार करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन टीम के अधिकारियो ने कहा कि नेट्रेक्स वालों ने इस मामले में कोई भी जानकारी साझा करने से इनकार किया है। गौरतलब है कि नेट्रेक्स, मतलब नेशनल ऑटोमोटिव टेस्ट ट्रैक्स इंदौर से लगभग 50 किलोमीटर दूर एनएच-52 पीथमपुर के पास बनाया गया यह एशिया का सबसे लंबा और दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा हाई-स्पीड टेस्टिंग ट्रैक है। इसका इस्तेमाल वाहनों की हाई-स्पीड परफॉर्मेंस, सर्टिफिकट के लिए किया जाता है, मगर नेट्रेक्स में नीलगाय की मौजूदगी हाई-स्पीड वाहन और उनके चालकों के लिए खतरा बनी रहती है। हालांकि हाई-स्पीड ऑटो टेस्टिंग के पहले नीलगाय को पकडऩे के लिए हर साल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के अलावा सुरक्षा के अन्य इंतजाम भी किए जाते हैं।
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