
इंदौर। शराब सिंडिकेट (Liquor Syndicate) के ऑफिस Office) में हुए गोलीकांड (Shooting)के बाद पुलिस (Police) अब यह भी पता लगा रही है कि गुंडों के पास अवैध पिस्टल ( Illegal Pistol) कैसे पहुंच रही है। इसके लिए जहां धार, खरगोन और खंडवा के सिकलीगरों ( Dhar, Khargone, Khandwa, Sikligars,) की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जाएगा, वहीं दूसरी ओर पुलिस (Police) सिकलीगरों के पुनर्वास के लिए भी प्लान तैयार कर रही है।
यूं तो धार, खरगोन और खंडवा (Khandwa) के सिकलीगर पूरे देश में अवैध पिस्टल की सप्लाई करते हैं। हाल ही में पंजाब में कुछ सिकलीगरों को गिरफ्तार कर पुलिस (Police) ने बड़ी मात्रा में देसी पिस्टल (Pistol) जब्त की हैं। वहीं नक्सलियों को हथियार सप्लाई करने वालों के भी तार सिकलीगरों से जुड़े हैं, लेकिन कुछ दिन पहले शराब अहातों को लेकर इंदौर में सिंडिकेट के ऑफिस में शराब ठेकेदार अर्जुन ठाकुर (Arjun Thakur) को गोली मारने के बाद पुलिस हरकत में आई और कुख्यात गैंगस्टर सहित कई बदमाशों को गिरफ्तार (Arrested) किया है। वहीं पुलिस (Police)ने शराब अहातों में चैकिंग कर कल 500 से अधिक छोटे-मोटे बदमाशों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों से भी पुलिस ने आधा दर्जन देसी पिस्टल जब्त की हैं। इसके बाद अब पुलिस गुंडों को देसी हथियार उपलब्ध करवाने वाले सिकलीगरों के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी में है।
पुनर्वास के लिए बना रहे हैं प्लान : आईजी
आईजी हरिनारायणचारी मिश्रा का कहना है कि सिकलीगर सालों से देसी हथियार बनाकर बेचने का काम कर रहे हंै। कई बार कार्रवाई के बाद भी वे इस गोरखधंधे में लगे हुए हैं। उनकी आजीविका इसी पर चलती है। इसके चलते अब पुलिस उनके पुनर्वास के लिए एक प्लान तैयार कर रही है, ताकि उनको इस अवैध कारोबार से बाहर निकाला जा सके।

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