
भोपाल। प्रदेश में इन दिनों बारिश का दौर चल रहा है। कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश से बांध लवालब होने की स्थिति में है। ऐसे में बांधों से पानी छोडऩे की तैयारी है। इस बीच उद्योनिकी विभाग के मंत्री भारत सिंह कुशवाह (Minister Bharat Singh Kushwaha) ने भी अफसरों केा फरमान जारी किया है कि बांधों में अधिक भराव होने पर पानी को नहरों के जरिए खेतों में छोड़ा जाए। यह व्यर्थ पानी बहाने का बेहतर विकल्प हो सकता है। हालांकि ज्यादातर क्षेत्रों में फिलहाल खेती के लिए अतिरिक्त सिंचाई की जरूरत नहीं है। ऐसे में यदि खेतों में पानी छोडृा जाता है तो धान के अतिरिक्त अन्य फसलें नष्ट होने का खतरा रहेगा। मंत्री ने वर्षा जल संरक्षण पर वन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, जल-संसाधन विभाग समन्वित कार्य-योजना बनायें। कार्य-योजना ऐसी हो, जिसमें अतिवृष्टि से बाढ़ से बचाव के साथ-साथ वर्षा जल का उपयोग और संरक्षण भी किया जा सके। वर्षा जल संरक्षण महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि बांधों में वर्षा जल के अधिक भराव को नहरों में छोड़कर धान की फसल उगाने वाले किसानों के खेतों तक भी पानी पहुंचाना व्यर्थ पानी बहाने का अच्छा विकल्प हो सकता है। मंत्री ने अपने प्रभार वाले जिले मुरैना एवं श्योपुर में बाढ़ प्रबंधन की तैयारी की समीक्षा में अफसरों को यह निर्देश दिए। खास बात यह है कि श्योपुर और मुरैना में पिछले कई सालों से सामान्य से कम बारिश हो रही है। ऐसे में पानी व्यर्थ बहाने से बेहतर खाली तालाबों केा भरा जा सकता है।
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