
नई दिल्ली (New Delhi) । जर्मनी (Germany) में अपने माता-पिता (Parents) से दूर सरकारी संरक्षण (government protection) में रहने को मजबूर मासूम अरिहा शाह (ariha shah) के परिवार (Family) को उसके घर लौटने की आस जगी है। अरिहा की मां धारा शाह ने कहा, विदेश मंत्रालय ने एक बहुत कड़ा बयान जारी किया है, जिसमें जर्मन अधिकारियों से कहा गया है कि अरिहा को जल्द से जल्द भारत (India) वापस भेजा जाए। इससे हमें बहुत उम्मीद है कि वह जल्द ही वापस आएगी।
इस बीच, जर्मनी के विदेश कार्यालय ने कहा कि वह मामले में भारतीय अधिकारियों के संपर्क में है। वह युवा कल्याण कार्यालयों और परिवार अदालतों में चल रही कार्यवाही पर टिप्पणी नहीं कर सकता है और इसका उन पर कोई प्रभाव नहीं है। इस बीच, सरकारी सूत्रों ने शनिवार को कहा कि 2021 में अरिहा को उसके माता-पिता से दूर ले जाने वाली जर्मन एजेंसी की कार्रवाई का बचाव करने वाली रिपोर्टें गलत हैं और इस मुद्दे को उलझाने की कोशिश लगती हैं।
अरिहा शाह को 23 सितंबर, 2021 को जर्मनी के युवा कल्याण कार्यालय (जुगेंडमट) के संरक्षण में ले लिया गया था। उस समय वह महज सात महीने की थी और उसे दुर्घटनावश चोट लग गई थी। जर्मन अधिकारियों ने भारतीय माता-पिता पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए बच्ची को फोस्टर केयर में भेज दिया है।
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