
इंदौर। संभागायुक्त (Divisional Commissioner) डॉ. सुदाम खाड़े (Dr. Sudam Khade) ने कल कलेक्टर कॉन्फ्रेंस (Collector Conference) में कई दिशा-निर्देश दिए, जिसमें शिक्षण गुणवत्ता सुधार के साथ राजस्व वसूली की प्रक्रिया को तेज करने, सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) की लम्बित शिकायतों के निराकरण करने वाले कलेक्टरों को अतिरिक्त नम्बर भी देने की बात कही।
फिलहाल तो इंदौर संभाग में 54 हजार सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें लम्बित बताई गई है, जिसमें 22 हजार से अधिक तो इंदौर जिले की ही है। वहीं समीक्षा बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि 47 हजार से अधिक नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे का निराकरण किया गया। संभागायुक्त ने कहा कि मैदान में जाकर अधिकारी काम करें और तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को अलग से प्रशिक्षण भी दिया जाए। 83 पुनर्वास स्थलों में पूर्व में जो पट्टे दिए थे, उसकी रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी। इसके लिए एक एसडीएम के साथ नर्मदा घाटी के पदाधिकारी को भी जिम्मेदारी दी जा रही है। इंदौर जिले में 22 हजार 500 सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें लम्बित मिलीं, तो संभाग के अन्य जिलों में भी स्थिति अच्छी नहीं है। खरगोन में 8400, धार में 8 हजार और खंडवा में साढ़े 7 हजार शिकायतें लम्बित है। अब इन शिकायतों को जीरो पेंडेंसी में लाकर खत्म किया जाए और जीरो प्रकरण वाले कलेक्टरों को अतिरिक्त नम्बर देने की घोषणा संभागायुक्त ने की। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण करने की बात भी कही। सभी कलेक्टर्स को वन स्टॉप सेंटरों का प्रतिमाह निरीक्षण और सतत मॉनिटरिंग भी करें। आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस समय पर पहुँचे यह सुनिश्चित करें। नशा मुक्त अभियान के तहत जनजागरूकता कार्यक्रम चलायें। वाहन दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने हेतु तेज गति वाले वाहनों पर अंकुश लगाने की दिशा में कार्य करने को कहा है।
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