
नई दिल्ली । संसद (Parliament) के बजट सत्र (Budget Session) की शुरुआत हो चुकी है। लोकसभा (Lok Sabha) में बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान एक रोचक दृश्य देखने को मिला। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) सदन का संचालन कर रहे थे। इस दौरान सांसदों के सवालों का जवाब एक मंत्री दे रहे थे। जवाब देते समय उन्होंने अपनी हाथ जेब में रखी थी। यह बात ओम बिरला को पसंद नहीं आई। उन्होंने मंत्री को टोकते हुए सांसदों व मंत्रियों को सदन की मर्यादा व परंपरा के मुताबिक आचरण के लिए नसीहतें दीं।
ओम बिरला ने जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके को जेब में हाथ डालकर बोलने पर टोका और कांग्रेस सांसद के सी वेणुगोपाल को साथी सांसदों से बात करने से भी रोका। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान जब एक सवाल का जबाब देने के लिए जनजातीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके खड़े हुए तो वह जेब में हाथ डाले हुए थे। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि मंत्री जी जेब में हाथ डालकर मत बोलिए। इसे मंत्री ने स्वीकार किया। प्रश्नकाल की शुरुआत में ही अध्यक्ष ने कहा, वह चाहते हैं कि इस दौरान अधिक से अधिक सवाल पूछे जाएं।
‘संसदीय मर्यादा के मानक बनाए रखें’
वहीं, राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने गुरुवार को उच्च सदन के 270वें सत्र की शुरुआत करते हुए सदस्यों से संसदीय मर्यादा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने का आह्वान किया। अपने संबोधन में राधाकृष्णन ने दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत का बढ़ता प्रभाव और कद राष्ट्र की आर्थिक दिशा को आकार देने में सांसदों के रूप में हमारी भूमिका को बेहद ही महत्वपूर्ण बनाता है।
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