
अजमेर । राजस्थान में अजमेर जिले के थांवला में (In Thanwala of Ajmer district in Rajasthan) महाशिवरात्रि महोत्सव आस्था से मना (Mahashivratri festival Celebrated with Devotion) ।
महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक माना जाता है। इस पावन दिन पर शिव भक्त व्रत रखते हैं, और विधि-विधान से भोलेनाथ की आराधना करते हैं। मान्यता है कि महाशिवरात्रि की रात भगवान शिव अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं और सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। इसी कड़ी में राजस्थान के अजमेर जिले के थांवला में महाशिवरात्रि का पर्व पूरे धूमधाम के साथ मनाया गया।
थांवला का महाशिवरात्रि महोत्सव आस्था, संस्कृति और उत्सव का शानदार उदाहरण बना। इसमें लोग भगवान शिव की भक्ति के साथ-साथ लोक परंपराओं की रंगत में भी डूबे नजर आए। तीर्थराज पुष्कर के समीपवर्ती ग्राम थांवला में थानेश्वर महादेव सेवा समिति की ओर से महाशिवरात्रि महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन को उज्जैन के महाकाल मंदिर की परंपराओं की तर्ज पर किया गया। महोत्सव के दौरान मेहंदी, हल्दी, शिव बारात, महाआरती, शृंगार दर्शन और भजन संध्या जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस आयोजन का सबसे आकर्षक दृश्य भूत-प्रेतों की अनोखी शिव बारात रही, जिसने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।
इस मौके पर थानेश्वर महादेव सेवा समिति के सदस्य पंडित मांगीलाल शर्मा ने बताया कि शिव बारात में पुणे से आए ढोल-ताशे वालों ने अपनी शानदार प्रस्तुति दी। करीब 101 ढोलों की गूंज और ताशा-डमरुओं की आवाज ने पूरे गांव के लोगों का मन मोह लिया। मराठी परिधान में सजे युवक और युवतियों ने जब एक साथ ढोल-ताशा बजाए, तो उनकी आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। इससे माहौल पूरी तरह उत्सव में बदल गया।
शिव बारात में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। महोत्सव के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ । इस कड़ी में भव्य महाआरती और भजन संध्या का आयोजन भी शामिल थ । इस सांस्कृतिक संध्या में आध्यात्मिक और संगीत जगत की नामचीन हस्तियों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं ।
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