
उदयगढ़। आदिवासी अंचल (tribal area) के प्रमुख पर्व भगोरिया पर उदयगढ़ (Udaipur) में हजारों की संख्या में आदिवासी समाज की उपस्थिति के बीच सांस्कृतिक उत्साह और राजनीतिक घोषणाओं का संगम देखने को मिला। कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि अलीराजपुर, धार और झाबुआ जिलों में जगह-जगह भगोरिया भर रहा है। यह पर्व होली से सात दिन पहले शुरू होकर होली के दिन समाप्त होता है और आदिवासी समाज की पहचान है।
नर्मदा जल से सिंचाई की सुविधा की मांग
उन्होंने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उदयगढ़ विकासखंड की 17 पंचायतों (कुछ झाबुआ जिले की पंचायतें भी शामिल) में नर्मदा जल से सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी। उन्होंने बोरी क्षेत्र, उदयगढ़ और भाबरा के कुछ गांवों में चंद्रशेखर आजाद परियोजना के माध्यम से नर्मदा जल पहुंचाने के लिए सर्वे करने की मांग की है।
हर खेत तक पानी पहुंचाने की घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि भगोरिया की धूम में आकर मन आनंद से भर गया और सारी थकान मिट गई। उन्होंने सभी को भगोरिया और होली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने मंच से नर्मदा जल योजना के सर्वे को मंजूरी, उदयगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई के लिए नर्मदा जल उपलब्ध कराने की मांग को स्वीकृति दी। साथ ही हर खेत तक पानी पहुंचाने की घोषणा के साथ 18 किलोमीटर सड़क निर्माण की घोषणा की। क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित 18 किमी सड़क निर्माण की मांग को भी मंजूरी दी।
उत्सव को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का निर्णय
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने भगोरिया जैसे पारंपरिक उत्सव को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का निर्णय लिया है। यह सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और भावनाओं का प्रतीक है। हल्के अंदाज में उन्होंने कहा कि “नगर सिंह चौहान की सारी उंगलियां घी में और सिर कढ़ाई में हैं”, लेकिन जनता के हित में जो भी मांगें आई हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा। उदयगढ़ के मंच से साफ संदेश गया कि सरकार आदिवासी अंचल के विकास को प्राथमिकता दे रही है। भगोरिया के रंगों के बीच नर्मदा जल और सड़क जैसी घोषणाओं ने कार्यक्रम को राजनीतिक और विकासात्मक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण बना दिया।
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