img-fluid

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरमीत राम रहीम को दी बड़ी राहत, जानें क्या है मामला…

March 07, 2026

नई दिल्ली। बहुचर्चित छत्रपति हत्याकांड मामले में डेरा मुखी (Dera chief) को बड़ी राहत मिली है. पंजाब हरियाणा (Punjab-Haryana) हाई कोर्ट (High Court) ने शनिवार सुबह सीबीआई अदालत (CBI court) के फैसले को आंशिक रूप से संशोधित करते हुए डेरा मुखी को इस मामले से बरी कर दिया है. हालांकि अदालत ने मामले में दोषी ठहराए गए अन्य तीन आरोपियों कुलदीप, निर्मल और किशन लाल की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है.

संदेह का मिला लाभ
हाई कोर्ट ने यह फैसला आरोपियों द्वारा सीबीआई की विशेष अदालत के निर्णय के खिलाफ दायर अपीलों पर सुनवाई के बाद सुनाया. अदालत ने मामले से जुड़े साक्ष्यों और दलीलों पर विस्तृत विचार करते हुए डेरा मुखी के खिलाफ आरोपों को पर्याप्त रूप से साबित न होने के आधार पर उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का आदेश दिया. वहीं, अन्य तीन आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए उनको दोषसिद्ध और सजा को कायम रखा है.


  • क्या है पूरा मामला
    मामला पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या से जुड़ा हुआ है, जिसने अपने समय में काफी सुर्खियां बटोरी थीं. छत्रपति ने अपने अखबार में डेरा से जुड़े कुछ गंभीर आरोपों को प्रकाशित किया था, जिसके बाद वर्ष 2002 में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में व्यापक प्रतिक्रिया हुई थी और मामले की जांच बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई थी.

    सीबीआई की विशेष अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद मामले में डेरा मुखी सहित अन्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इस फैसले के खिलाफ सभी दोषियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में अपील दाखिल की थी.

    साक्ष्य इतने मजबूत नहीं
    हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और सीबीआई की ओर से विस्तृत बहस की गई. अदालत ने रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और परिस्थितिजन्य तथ्यों का विश्लेषण करने के बाद अपना फैसला सुनाया. अदालत ने कहा कि डेरा मुखी के खिलाफ अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य इतने मजबूत नहीं हैं कि उनके खिलाफ आपराधिक साजिश में संलिप्तता को संदेह से परे साबित किया जा सके.

    तीन दोषियों की सजा बरकरार
    वहीं, कुलदीप, निर्मल और किशन लाल के खिलाफ अदालत ने पाया कि उनके विरुद्ध उपलब्ध साक्ष्य और गवाहियों से उनकी भूमिका स्पष्ट रूप से स्थापित होती है. इसी आधार पर हाई कोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा को बरकरार रखने का आदेश दिया.

    Share:

  • इंदौर: चंदन नगर-धार रोड सिक्स लेन फ्लायओवर अब प्राधिकरण बनाएगा

    Sat Mar 7 , 2026
    मंत्री ने बैठक में बड़ा गणपति की बाधाएं हटाने के साथ मेट्रो सहित सडक़ों के निर्माण के दिए निर्देश इंदौर। सालभर पहले प्राधिकरण (authority) ने 11 प्रमुख चौराहों पर फ्लायओवर (flyover) के निर्माण का फिजिबिलिटी सर्वे करवाया था, जिसमें चंदन नगर (Chandan Nagar) -धार रोड (Dhar Road) फ्लायओवर भी शामिल रहा। पिछले दिनों चंदन नगर […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved