
नई दिल्ली। इंटरनेट और सोशल मीडिया की दुनिया में साइबर ठगी (Cyber Fraud) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर (Kanpur) से सामने आया एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला, जिसमें ठगों ने खुद को टेक कंपनी मेटा से जुड़ा हुआ बताते हुए एक रिटायर्ड महिला शिक्षक (Retired Female Teacher) को 1.57 करोड़ रुपये का चूना लगाया।
पहला झांसा: स्कूल खोलने का लालच
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, साइबर ठगों ने फेसबुक के जरिए महिला शिक्षक से संपर्क किया और खुद को मार्क जुकरबर्ग बताया। उन्होंने दावा किया कि वे कानपुर में स्कूल खोलना चाहते हैं और महिला को इसका मैनेजमेंट सौंपा जाएगा। भरोसा जीतने के बाद ठगों ने प्रोसेसिंग फीस जमा करने को कहा, जिसे बाद में वापस करने का वादा किया गया। महिला को यह भरोसा दिलाया गया कि यह रकम उनका इन्वेस्टमेंट है।
पैसा मिलने के बाद बातचीत बंद
जैसे ही महिला ने प्रोसेसिंग फीस दी, कथित जुकरबर्ग और उनके सहयोगियों ने संपर्क तोड़ दिया। पहले जिनसे महिला घंटों बात कर सकती थी, वे अचानक गायब हो गए। कुछ समय बाद एक सहयोगी ने महिला को बताया कि स्कूल का प्लान ड्रॉप हो गया है और पैसे वापस किए जा रहे हैं, लेकिन असल में यह सिर्फ बहाना था।
फर्जी रिफंड के नाम पर दूसरी ठगी
महिला से बताया गया कि उनका पैसा एक कंपनी के जरिए लौटाया जा रहा है। इसके लिए शिपिंग चार्ज, कस्टम चार्ज, वाहन मेंटेनेंस और पैकेज रिलीज फीस के नाम पर फिर से रकम ले ली गई। पैसा लेने के बाद कथित जुकरबर्ग का यह “सहयोगी” भी गायब हो गया।
तीसरी ठगी और कुल नुकसान 1.57 करोड़
यह मामला यहीं नहीं रुका। महिला को ऑनलाइन स्कैम रिपोर्टिंग सेंटर इंडिया के एक अकाउंट से मैसेज आया, जिसमें एक व्यक्ति ने खुद को वकील बताया और कहा कि उनका पैसा विजडम कैपिटल में इन्वेस्ट है और अब 2.23 करोड़ रुपये दिखा रहा है। पैसा वापस दिलाने के नाम पर टैक्स, वेरिफिकेशन फीस, स्टांप ड्यूटी और रीबैलेंसिंग फीस के रूप में महिला से फिर से रकम ले ली गई। तीन बार की ठगी में महिला शिक्षक का कुल नुकसान लगभग 1.57 करोड़ रुपये हुआ।
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