
पटना। बिहार (Biha) में शुक्रवार को पटना (Patna ) समेत 13 जिलों में आंधी- बारिश से भारी तबाही (Heavy Destruction Storm and Rain) हुई। इस दौरान ठनका और दीवार गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, मोकामा में 12 मजदूर झुलस गए। तेज आंधी-बारिश से जगह-जगह पेड़ और बिजली के पोल भी धराशायी हो गए। फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। दूसरी ओर,राज्यभर में शनिवार को गरज-चमक के साथ धूल भरी तेज आंधी और 16 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
शुक्रवार को ज्यादातर जिलों में दोपहर बाद मौसम में बदला और तेज गति से हवा चलने लगी। मोतिहारी में 10, वाल्मीकिनगर व राजगीर में 8, पूसा में 7 मिलीमीटर बारिश हुई। गया जी, रोहतास सहित 11 जिलों में बूंदाबांदी और हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को कटिहार, किशनगंज और अररिया के एक-दो स्थानों पर 50 से 60 किमी की रफ्तार से हवा चलने का ऑरेंज अलर्ट है। अन्य जगहों पर 40 से 50 किमी की रफ्तार से हवा चलेगी। पटना, गयाजी, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद, बांका, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार में बारिश के आसार हैं।
ओएचई पर गिरा पेड़, तीन घंटे तक रेल परिचालन बाधित
तेज आंधी और बारिश के कारण शुक्रवार की शाम करीब सात बजे मोकामा के शिवनार हॉल्ट के समीप ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर (ओएचई) पर पेड़ गिर गया। इस कारण मोकामा-दानापुर रेलखंड की अप लाइन पर करीब तीन घंटे तक ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा। वंदे भारत एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर रुक गई। कई यात्रियों की गंगा दामोदर, साउथ बिहार सहित कई कनेक्टिंग ट्रेनें भी छूट गईं। इस कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
एक दर्जन से अधिक ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर रुकी रहीं
शुक्रवार की शाम सात बजे मोकामा-दानापुर रेलखंड के शिवनार हॉल्ट के निकट ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर (ओएचई) के ऊपर एक पेड़ गिर गया। इसकी वजह से लगभग सात से 10 बजे तक अपलाइन पर ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा। इस दौरान औटा हॉल्ट पर टाटा-बक्सर एक्सप्रेस, सहरसा इंटरसिटी एक्सप्रेस, किऊल जंक्शन पर जनशताब्दी एक्सप्रेस, जमुई जंक्शन पर वंदे भारत एक्सप्रेस सहित लगभग एक दर्जन से अधिक ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर रुकी रहीं। मोकामा के टीआरडी टेक्निशन ने करीब तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ को काटकर हटाया। इसके बाद ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर को सीधा कर रात 10:05 बजे ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया।
सहरसा-पटना इंटरसिटी में सवार सुप्रिया सुमन ने बताया कि वह सहरसा से पटना जा रही थीं। औंटा हॉल्ट के आगे लगभग चार घंटे से ट्रेन रुकी रही। इस दौरान एसी को बंद कर ब्लोअर चला दिया गया, जिस कारण कोच में घुटन होने लगी। खाना और पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। पानी के लिए लोग इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन अंधेरा होने के कारण कहीं भी कुछ नहीं मिला। शनिवार को ईद की छुट्टी और रविवार के अवकाश के कारण ज्यादातर नौकरी करने वाले लोग अपने-अपने घर जा रहे थे। इस दौरान कई लोगों को कनेक्टिंग ट्रेन से झारखंड भी जाना था, लेकिन उनकी ट्रेन छूट गई। ट्रेन में पानी खत्म हो गया था। इस कारण शौचालय जाने में भी लोगों को समस्या हो रही थी। पुरुष तो ट्रेन से उतरकर इधर-उधर चले जा रहे थे, लेकिन महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मोकामा रेलवे स्टेशन के प्रभारी प्रबंधक चंदन कुमार ने बताया कि शिवनार हॉल्ट के पास तेज आंधी और पानी के कारण ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर के ऊपर एक पेड़ गिर गया। टीआरडी टेक्नीशियन ने लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद पेड़ काटकर हटाया। इसके बाद रात करीब 10:05 बजे ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ।
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