
नई दिल्ली: हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए फरीदाबाद में मौजूद अल-फलाह यूनिवर्सिटी का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया है. ये फैसला विश्वविद्यालय में पाई गई गंभीर अनियमितताओं और चल रही जांच के बाद लिया गया है. सरकार ने सीनियर IAS ऑफिसर अमित कुमार अग्रवाल को यूनिवर्सिटी का प्रशासक नियुक्त किया है, जो अब इसके एडिमिनिस्ट्रेटर और फाइनेंशियल मामलों की देखरेख करेंगे. जानकारी के मुताबिक, सरकार द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट में विश्वविद्यालय के कामकाज में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आई थीं. इसी आधार पर राज्य सरकार ने हस्तक्षेप करते हुए यूनिवर्सिटी का प्रबंधन अपने कंट्रोल ले लिया.
यूनिवर्सिटी में क्या बदलाव हुए?
अमित अग्रवाल, जो 2003 बैच के IAS अधिकारी हैं, फिलहाल हरियाणा के इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स विभाग में कमिश्नर और सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने हाल ही में प्रशासक के तौर पर कार्यभार संभाल लिया है और विश्वविद्यालय के डेली रूटीन को मैनेज करने की जिम्मेदारी ली है. सरकार के इस फैसले के बाद यूनिवर्सिटी में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव भी किए गए हैं. नए प्रशासक ने डॉ. अजय रंगा को वाइस चांसलर नियुक्त किया है, जबकि डॉ. राजीव कुमार सिंह को एग्जाम कंट्रोलर बनाया गया है. इसके अलावा वित्त और प्रशासन से जुड़े कई बाकी पदों पर भी नई नियुक्तियां की गई हैं.
क्या है वजह?
अल-फलाह यूनिवर्सिटी हरियाणा की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी है, जिसकी स्थापना 2014 में हुई थी. हाल ही में हुई घटनाओं के बाद ये पहली बार है जब सरकार ने सीधे तौर पर इसका नियंत्रण अपने हाथ में लिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अल-फलाह यूनिवर्सिटी हाल ही में एक गंभीर मामले के चलते चर्चा में आई थी. जांच एजेंसियों को एक आतंकी साजिश से जुड़े मामले में विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ लोगों के नाम सामने आए थे, जिसके बाद इसकी गतिविधियों की गहन जांच शुरू की गई थी. सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य विश्वविद्यालय में पारदर्शिता लाना, शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारना और किसी भी तरह की अनियमितता को खत्म करना है. हालांकि, इस दौरान छात्रों की पढ़ाई और टीचिंग पर कोई असर नहीं आएगा. सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक सख्ती और शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
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