
डेस्क: Vodafone Idea और Bharat Sanchar Nigam Limited, दोनों ही टेलीकॉम कंपनियां इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाकर अपने बिजनेस को बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं. फाइबर बैकहॉल, टावर और स्पेक्ट्रम इस्तेमाल सहित एंड-टू-एंड टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना बिल्कुल भी सस्ता (अर्फोडेबल) नहीं है. कुछ दिन पहले एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि VI और BSNL एक इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग डील पर विचार कर रहे हैं. इसका मतलब है कि कम पैसे खर्च होंगे और रोलआउट तेज होगा.
Vodafone Idea कवरेज को बेहतर बनाने और इंफ्रास्ट्रक्चर को मॉडर्न बनाने के लिए कर्ज के जरिए पैसे जुटाने की कोशिश कर रहा है. इससे वोडाफोन आइडिया को नए यूजर्स जोड़ने में मदद मिलेगी. वहीं, BSNL भी पूरे भारत में एक नया 4G इंफ्रास्ट्रक्चर शुरू करने की कोशिश कर रहा है और कंपनी ने पहले ही 1 लाख से ज्यादा 4G साइट्स के साथ शुरुआत कर दी है.
अगर टेलीकॉम कंपनियां इंफ्रास्ट्रक्चर शेयर करने के बारे में एक ही बात पर आ जाती हैं तो इसका मतलब है कि उनके लिए बहुत ज्यादा कॉस्ट सेविंग होगी. इसके साथ ही, उन्हें मार्केट में बढ़त मिलेगी और पूरे देश में तेजी से नेटवर्क रोलआउट करने में मदद मिलेगी. टेलीकॉम कंपनियां अब शहरी कस्बों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी कवरेज बढ़ाना चाहती हैं लेकिन ग्रामीण टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए पैसा लगाने का ROI (रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट) टेलीकॉम कंपनियों के लिए बिल्कुल भी आकर्षक नहीं है.
इंफ्रास्ट्रक्चर शेयर कर वोडाफोन आइडिया और BSNL दोनों ही ग्रामीण इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर शुरू करने में अपनी लागत को कम कर पाएंगे और इस तरह उनके ROI में काफी सुधार होगा. हालांकि, रेगुलेटरी अप्रूवल और कंपनी के सर्विसेज की क्वालिटी (QoS) पर एग्रीमेंट का इंतजार करना होगा, रेगुलेटरी रुकावटें यहां एक बड़ी वजह है.
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