
इंदौर। कमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी का असर अब सराफा व्यवसाय पर भी पडऩे लगा है। सोने के गहने बनाने में एलपीजी के सिलेंडर लगते हैं, जो अब गोल्ड मेकिंग वालों को नहीं मिल पा रहे हैं। जैसे-तैसे कुछ कारखाने चल रहे हैं, बाकी कारखानों में काम कम होते जा रहा है। सराफा व्यापारियों के अनुसार इंदौर में छोटे-बड़े मिलाकर 11 हजार बंगाली कारीगर हैं, जिनमें से कुछ काम नहीं होने के कारण अब बंगाल लौट गए हैं तो गोल्ड मेकिंग वालों के व्यवसाय पर सिलेंंडर की डिलीवरी नहीं होने से संकट गहराने वाला है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी का असर अब हर जगह पड़ता दिखाई दे रहा है। इंदौर के सराफा व्यापारी, जो गोल्ड के जेवरों की मेकिंग करते हैं, अब उनके यहां सिलेंडर नहीं होने से काम कम हो रहा है। पुराने सिलेंडर रखे होने से काम कहीं-कहीं चल रहे हैं। वैसे इंदौर में मुबई से भी ज्वेलरी बनकर आती है, जो बड़े शोरूम और व्यापारी बनवाते हैं। इंदौर में भी ज्वेलरी मेकिंग का एक बड़ा कारोबार है, जो छोटा और बड़ा सराफा में चलता है। करीब 500 कारखानों में 11 हजार के आसपास बंगाली कारीगर काम करते हैं, जिनमें से कुछ तो खुद का काम करते हैं, लेकिन गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण अब ये लोग भी परेशान होने लगे हैं। इनमें से कई तो बंगाल लौट गए हैं। न तो उन्हें खाना बनाने के लिए गैस मिल पा रही है और न ही काम के लिए, इसलिए भी धीरे-धीरे कारीगरों की संख्या कम हो रही है। हालांकि बाजार पर इसका असर नहीं पड़ा है। अभी शादी-ब्याह की खरीदारी जारी है और व्यापारियों के यहां जो पुराना स्टॉक है, उसे ही बेचा जा रहा है। नए गहने बनाने में समय लिया जा रहा है।
पीएनजी लाइन डलना चाहिए
कुछ व्यापारियों का कहना है कि सराफा में ही करीब साढ़े चार सौ के आसपास छोटे-बड़े कारखाने हैं और इनमें 19 किलो के एलपीजी सिलेंडर का उपयोग किया जाता है। सैकड़ों सिलेंडर इन कारखानों में इस्तेमाल किए जाते हैं। हालांकि ये एक तरह से खतरा भी है। अगर कोई बड़ी आगजनी की घटना हो जाती है तो जान और माल दोनों की बड़े स्तर पर हानि होगी, क्योंकि सराफा में ऐसी गलियां भी नहीं हैं, जहां फायर वाहन घुसकर आग पर तुरंत काबू कर सके। व्यापारियों का कहना है कि यहां जिला प्रशासन को पीएनजी लाइन डालने की पहल करना चाहिए, ताकि सुरक्षित गैस सप्लाई हो सके। अभी यूं भी अवंतिका गैस नए कनेक्शन दे रही है। अगर सराफा में इसका प्रपोजल बनाया जाए तो काफी आसानी होगी।
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