
इंदौर। मौसम विशेषज्ञों ने पिछले दिनों मानसून की आमद को लेकर जो भविष्यवाणियां की हैं, उसके मुताबिक मध्यप्रदेश और खासकर मालवा क्षेत्र में 16 जून तक मानसून की आमद संभावित बताई गई है, जिसके चलते जहां शासन ने सभी जिला कलेक्टरों को बाढ़, अतिवृष्टि से निपटने के उपाय शुरू करने के निर्देश भिजवाए, तो इसी कड़ी में कल कलेक्टर शिवम वर्मा ने भी मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर समीक्षा की, जिसमें निगम, पुलिस, होम गार्ड, एसडीआरएफ सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्राधिकरण के सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े, जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन, अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पंवार, रोशन राय, रिंकेश वैश्य भी शामिल रहे।
बैठक में कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने मानसून पूर्व तैयारियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिए गए निर्देशों के अनुरूप सभी विभाग तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्री वर्मा ने नगर निगम को निर्देशित किया कि सभी नालों, चैनलों, तालाबों के आसपास तथा जलभराव वाले स्थलों की साफ-सफाई समय रहते पूरी कर ली जाए। साथ ही स्टॉर्म वॉटर लाइन एवं ड्रेनेज सिस्टम की सफाई भी प्राथमिकता से की जाए, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति निर्मित न हो।
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिया विहीन सडक़ों एवं जलभराव संभावित स्थलों पर चेतावनी संकेतक लगाए जाएं तथा वहां कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए, जिससे किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। बैठक में एसडीआरएफ एवं होमगार्ड दलों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूर्ण संसाधनों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए। साथ ही वालंटियर्स की ट्रेनिंग, मॉक ड्रिल एवं रेस्क्यू अभ्यास नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि पिछले वर्ष चिन्हित किए गए जलभराव वाले स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा आवश्यकता अनुसार नए संवेदनशील स्थलों को भी चिन्हित किया जाए। उन्होंने बताया कि पूर्व में गठित विशेष टीमें भी इस वर्ष सक्रिय रहेंगी। बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा ने सडक़ निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि वर्षा पूर्व सभी आवश्यक पैचवर्क, डामरीकरण एवं सडक़ मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि बारिश के दौरान गड्ढों एवं जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो।
इन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग एवं फॉलोअप भी किया जाएगा। बैठक में राहत स्थलों की समीक्षा भी की गई। निर्देश दिए गए कि आवश्यकता पडऩे पर राहत शिविर तत्काल प्रारंभ किए जा सकें, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। इसके अलावा पिकनिक स्थलों पर विशेष निगरानी रखने, पुल-पुलियों पर संकेतक लगाने, बाढ़ की स्थिति में सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने, खदान एवं ईंट भ_ों में बैरिकेडिंग कराने तथा मानसून के दौरान विद्युत आपूर्ति सतत बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में पशुपालन विभाग को शिविर लगाकर पशुओं के टीकाकरण अभियान संचालित करने के निर्देश भी दिए गए। दूसरी तरफ किसानों को खड़ी फसलों की उगाई संबंधी नवीन वैज्ञानिक तकनीकी जानकारी देने के लिए जिले में कृषि रथ भी सभी पंचायतों में पहुंचाए जा रहे हैं। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उप संचालक ने बताया कि किसानों को खरीफ फसलों की बुआई संबंधी जानकारी पहुंचाने के लिए जिले की विभिन्न विकासखण्डों में कृषि रथ का संचालन किया जा रहा है। इसी संबंध में इस तकनीकी रथ के माध्यम से कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य संबंधित विभागों के विषय विशेषज्ञ एवं कृषि वैज्ञानिक किसानों से सीधे संवाद स्थापित कर कृषि और संबंधित क्षेत्रों की उन्नत तकनीकों की जानकारी प्रदान कर रहे हैं।
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