
नई दिल्ली। असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने गुजरात विधानसभा (Gujarat Assembly) द्वारा पारित समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक और डिस्टर्बड एरिया एक्ट में संशोधन को असंवैधानिक बताते हुए कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि यह कानून मुस्लिम समुदाय (Muslim community) के अधिकारों का उल्लंघन करता है और जबरन थोपा जा रहा है।
सात घंटे की बहस के बाद पास हुआ विधेयक
गुजरात विधानसभा ने हाल ही में लंबी चर्चा के बाद समान नागरिक संहिता विधेयक पारित किया। इस कानून का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों में सभी धर्मों के लिए एक समान कानूनी ढांचा लागू करना है।
कड़े प्रावधानों का किया गया प्रावधान
विधेयक में बल, दबाव या धोखाधड़ी से किए गए विवाह के लिए सात साल तक की सजा का प्रावधान रखा गया है। साथ ही द्विविवाह और बहुविवाह पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा विवाह और लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।
डिस्टर्बड एरिया एक्ट में भी बदलाव
विधानसभा ने Gujarat Disturbed Areas Act 1991 में संशोधन से जुड़े बिल को भी मंजूरी दी है। नए प्रावधान के तहत अब संपत्ति के लेन-देन में तीसरा पक्ष भी आपत्ति दर्ज करा सकेगा।
‘धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन’
ओवैसी ने कहा कि UCC कोई मौलिक अधिकार नहीं, बल्कि नीति निदेशक तत्व है, जिसका जिक्र संविधान के आर्टिकल 44 में है। उन्होंने बी. आर. अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि इसे सभी नागरिकों पर अनिवार्य रूप से लागू करने की बात नहीं कही गई थी।
उत्तराखंड मॉडल की नकल का आरोप
ओवैसी ने दावा किया कि यह कानून उत्तराखंड में पारित कानून की तरह है, जिसमें हिंदू विवाह और उत्तराधिकार कानूनों को अन्य समुदायों पर भी लागू किया गया है, इसलिए यह वास्तव में समान कानून नहीं है।
‘मुस्लिमों पर जबरन थोपे जा रहे नियम’
हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा कि यह कानून संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत मिले धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करता है। उन्होंने तलाक के मामलों में एडल्ट्री साबित करने जैसी शर्तों पर भी सवाल उठाए और कहा कि यह एक विशेष धर्म के नियमों को अन्य समुदायों पर थोपने जैसा है।
लिव-इन रजिस्ट्रेशन पर भी आपत्ति
ओवैसी ने लिव-इन रिलेशनशिप के अनिवार्य पंजीकरण और उससे जुड़े दंडात्मक प्रावधानों की आलोचना करते हुए कहा कि यह विवाह की पवित्रता को प्रभावित करता है और इस्लामिक सिद्धांतों के खिलाफ है।
बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
ओवैसी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘पीड़ित व्यक्ति’ की परिभाषा को व्यापक बनाकर संपत्ति के सौदों में कमीशनखोरी को बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि गुजरात शांतिपूर्ण राज्य है, तो ऐसे कानूनों की आवश्यकता क्यों पड़ी।
चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान
ओवैसी ने घोषणा की कि उनकी पार्टी AIMIM गुजरात की छह नगर निगमों, 29 तालुका पंचायतों और 28 जिला पंचायतों में चुनाव लड़ेगी। इसके लिए 539 उम्मीदवार मैदान में उतारे जाएंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इन कानूनों को अदालत में चुनौती दी जा सकती है और पार्टी इन मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाएगी।
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