
9 साल से चल रही थी छोटे स्टेडियम का नाम बदलने की कवायद…
इन्दौर। आखिरकार पिछले 9 साल से छोटा नेहरू स्टेडियम (Small Nehru Stadium) का नाम (Name) बदलने की कवायद को कल अमलीजामा पहना ही दिया गया। आतिशबाजी के बीच कल स्टेडियम का नाम वीर शिवाजी महाराज (Shivaji Maharaj) खेल परिसर के नाम पर कर दिया गया, जहां खिलाडिय़ों को ट्रेनिंग दी जाएगी। मंत्री विजयवर्गीय ने भी कहा कि इस नाम से युवाओं को प्रेरणा मिलेगी और वे शिवाजी महाराज जैसा बनकर अपने देश का नाम रोशन करेंगे।
कल शाम छोटा नेहरू स्टेडियम के बाहर भव्य आतिशबाजी के बीच स्टेडियम का नामकरण कर दिया गया। हालांकि इस संबंध में एमआईसी की बैठक में पहले ही प्रस्ताव पास हो गया था। यह स्टेडियम छत्रपति शिवाजी महाराज खेल परिसर के नाम से पहचाना जाएगा। कल औपचारिक रूप से हुए इस कार्यक्रम में मराठी समाज और शहर के अन्य सामाजिक वर्गों के बीच परिसर का नामकरण समारोह रखा गया था। कार्यक्रम में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, महेन्द्र हार्डिया, गोलू शुक्ला, एमआईसी मेम्बर नंदकिशोर पहाडिय़ा, भाजपा नगर महामंत्री सुधीर कोल्हे सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। महाराष्ट्र से आए दल ने वीर शिवाजी की गाथा को प्रस्तुत किया। आयोजक स्वाति युवराज काशिद ने बताया कि छोटा नेहरू तो कभी हुए ही नहीं, इसलिए इस स्टेडियम का नाम बदलना जरूरी था। हमारी यह कवायद पिछले 9 साल से चल रही थी, जब कृष्णमुरारी मोघे महापौर थे।
बड़ी मुश्किल से हटी थीं दुकानें
आज जहां भव्य शिवाजी प्रतिमा विराजित है, वहां गैरेज वालों का अतिक्रमण था। तत्कालीन सामान्य प्रशासन विभाग के प्रभारी चंदू शिंदे को अतिक्रमण हटाने की जवाबदारी सौंपी गई और उन्होंने यहां खुद कई दिनों तक मौजूद रहकर अतिक्रमण हटवाया और वहां भव्य प्रतिमा स्थापित करने का रास्ता बना। गैरेज वालों ने विरोध भी किया, लेकिन सब अवैध था तो उन्हें वहां से हटना ही पड़ा।
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