img-fluid

इस बार आम की पैदावार भी कम हो सकती है, बदलते मौसम का असर

April 06, 2026

उज्जैन। मार्च-अप्रैल की बेमौसम बारिश और ओलों ने आम के बगीचों को नुकसान पहुंचाया है। ऑन इयर होने के बावजूद इस बार आम की पैदावार घट सकती है। आम विशेषज्ञों के मुताबिक मौसम ने फलों के ‘क्रिटिकल फ्लावरिंग पीरियड’ को बिगाड़ दिया है।


  • आम के पेडों पर इस समय पेड़ों पर मंजरी (फूल) और शुरुआती फल बनने की प्रक्रिया चलती है, लेकिन नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव से फूल झड़ रहे हैं। फंगल संक्रमण और परागण में कमी की समस्या भी बढ़ी है। देशभर में मौसम सामान्य नहीं रहने से दक्षिण भारत से आने वाली अर्ली वैरायटी की आवक सबसे ज्यादा प्रभावित होगी। सप्लाई घटने से आम के दाम बढऩे की आशंका है। जानकारों के अनुसार बारिश और नमी से एन्थ्रेक्नोज और पाउडरी मिल्ड्यू जैसे रोग बढ़ते हैं। तेज हवा से कच्चे फल गिर जाते हैं, जबकि कम धूप से शुगर फॉर्मेशन घटने से स्वाद प्रभावित होता है। परागण कम होने से फल बनने की दर भी घटती है। उन्होंने बताया कि नर्मदा वैली में हुए रिसर्च में पाया गया कि फ्लावरिंग के दौरान 2-3 बार अनियमित बारिश भी उत्पादन पर सीधा असर डालती है। इस बार बेमौसम बारिश और ओलों से कई इलाकों में फूल और कच्चे फल गिर चुके हैं। शहर में आम का सीजन अप्रैल के आखिर से जुलाई तक रहता है। शुरुआत में तोतापरी, दशहरी और राजापुरी बाजार में आते हैं। मई-जून में लंगड़ा, चौसा और केसर की आवक रहती है, जबकि जून-जुलाई में आम्रपाली, मलिका और बंगनपल्ली मिलते हैं। आम आमतौर पर मई के आखिरी सप्ताह से बाजार में आते हैं, लेकिन इस बार मौसम खराब होने से करीब 10 दिन की देरी संभव है।

    Share:

  • बोर्ड परीक्षाओं की कापियाँ जँच गई... अब जल्द ही रिजल्ट की तारीख होगी घोषित

    Mon Apr 6 , 2026
    उज्जैन। जिले में चल रहे बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य आज शाम तक पूरा हो जाएगा। इसी के साथ ही रिजल्ट की तारीख भी घोषित की जाएगी। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा आयोजित कक्षा 10 हाई स्कूल एवं कक्षा 12 हायर सेकेंडरी स्कूल बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन का काम लगभग […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved