नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) द्वारा कराए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ने देश की चुनावी तस्वीर में बड़ा बदलाव किया है। इस प्रक्रिया में जहां 12 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों से 7.2 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए, वहीं करीब 2 करोड़ नए मतदाता भी जोड़े गए हैं। इस तरह कुल मिलाकर शुद्ध रूप से लगभग 5.2 करोड़ नाम अंतिम सूची से बाहर हो गए हैं।
एसआईआर के बाद इन राज्यों में कुल मतदाताओं की संख्या घटकर 45.8 करोड़ रह गई है, जबकि पहले यह आंकड़ा करीब 51 करोड़ था। यानी लगभग 10.2 फीसदी मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश इस प्रक्रिया में सबसे आगे रहा।
इसके अलावा:
पश्चिम बंगाल में इस प्रक्रिया को लेकर सबसे ज्यादा सियासी घमासान देखने को मिला।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार:
एसआईआर के इस बड़े अभियान से मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इसे लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस भी तेज हो गई है। कई राज्यों में इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
कुल मिलाकर, यह प्रक्रिया आने वाले चुनावों की दिशा और रणनीति पर बड़ा असर डाल सकती है।
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