नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच सोमवार को पहली बार औपचारिक बातचीत हुई, लेकिन यह बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात के बाद CJP ने साफ कहा कि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। पार्टी ने अब ऐलान किया है कि आगे की बातचीत तभी होगी, जब सरकार का प्रतिनिधि खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे।
इस बीच संसद की ओर निकाले गए ‘संसद चलो’ मार्च को दिल्ली पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके दौरान लाठीचार्ज की भी खबर सामने आई। CJP ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए।
पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के साथ हुई बैठक से कोई समाधान नहीं निकला। उनके मुताबिक सरकार ने आंदोलनकारियों की मांगों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। रांका ने कहा कि अब पार्टी सरकार के बुलावे पर बातचीत के लिए नहीं जाएगी और यदि संवाद करना है तो मंत्री को स्वयं धरनास्थल पर आना होगा।
अस्पताल पहुंचे पार्टी संस्थापक
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचकर घायल प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। उन्होंने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई में एक युवती गंभीर रूप से घायल हुई है। दीपके ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं के खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई क्यों की गई।
रातभर जंतर-मंतर पर डटे रहे समर्थक
सोमवार देर रात और मंगलवार तड़के तक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर के आसपास मौजूद रहे। दिन में पुलिस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों ने केरल हाउस के निकट धरना दिया और बाद में फिर से मंच के पास लौट आए। आंदोलनकारियों का आरोप है कि धरनास्थल की बिजली काट दी गई, जिससे पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया और केवल कुछ स्ट्रीट लाइटों के सहारे रोशनी मिलती रही।
पुलिस पर बल प्रयोग के आरोप
CJP ने आरोप लगाया कि संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। पार्टी का दावा है कि कई छात्रों को चोटें आईं और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा।
गंभीर आरोप लगाए
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारियों के सिर पर चोट लगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक किशोरी के साथ मारपीट की गई और गीतांजलि अंगमो के साथ भी कथित रूप से अभद्र व्यवहार हुआ। हालांकि इन आरोपों पर पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
गीतांजलि अंगमो ने सरकार से की अपील
धरनास्थल पर मौजूद समर्थकों को संबोधित करते हुए गीतांजलि जे. अंगमो ने कहा कि इस आंदोलन को लाखों युवाओं का समर्थन मिल रहा है। उनके अनुसार यह देश की शिक्षा व्यवस्था और उससे जुड़े प्रशासनिक मुद्दों को लेकर युवाओं की बढ़ती चिंता को दर्शाता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुने और जल्द समाधान निकाले।
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