
इंदौर। नारी वंदन विधेयक पास होने की खुशी में आज महिलाओं की दौड़ का आयोजन राजबाड़ा से किया गया था। इस आयोजन को कल आधी रात के बाद विधेयक पारित न होने के कारण निरस्त कर दिया गया था। महिलाओं को इसकी सूचना नहीं मिल सकी, इसके परिणाम स्वरूप बड़ी संख्या में महिलाएं आज सुबह राजबाड़ा पर पहुंच गईं। राजबाड़ा पर कोई जवाबदार नहीं मिलने से प्रतिभागी तमतमा गए। वहां जो लोग पहुंचे, उनसे प्रतिभागी भिड़ गए, लेकिन महिला मोर्चा की जो महिलाएं राजबाड़ा पर मौजूद थीं, वे कहने लगीं कि हमने दौड़ का आयोजन नहीं किया है।
इस कार्यक्रम के संयोजन का काम नगर निगम के पास था। यह घोषित किया गया था कि महिलाएं राजबाड़ा पर एकत्र होंगी और वहां पर पहले उन्हें नारी शक्ति संकल्प दिलाया जाएगा। फिर वहां से गांधी हॉल तक महिलाओं की दौड़ होगी। कल लोकसभा में महिलाओं को आरक्षण देने का विधेयक गिर जाने के बाद रात को 12 बजे बाद यह तय किया गया कि सुबह आयोजित इस दौड़ को निरस्त किया जाता है, लेकिन महिलाओं को सूचना नहीं मिलने से आज सुबह इस दौड़ में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंच गई थीं।
दौड़ का आयोजन देवी अहिल्या मातृशक्ति मंच की महिलाओं ने किया था, लेकिन पूरी बागडोर भाजपा की नगर टीम ने संभाल रखी थी। प्रतिभागियों को जानकारी नहीं मिलने पर कई लोग राजबाड़ा पहुंचे। जब वहां उन्हें कोई नहीं मिला तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। महिला मोर्चा की ज्योति तोमर, कंचन गिदवानी वहां उनसे मिलीं तो उन पर ही प्रतिभागियों का गुस्सा फूट पड़ा। गिदवानी कहती रहीं कि वे आयोजक नहीं हैं, लेकिन प्रतिभागियों का गुस्सा ठंडा नहीं हुआ। नगर भाजपा संगठन की ओर से भी कोई संतोषजनक जवाब देने वाला नहीं था। वहीं दौड़ में प्रतिभगियों को लाने के लिए बसों का इंतजाम किया गया था, लेकिन बसों के नहीं पहुंचने के चलते प्रतिभागी बसों का इंतजार करते रहे और एक घंटे इंतजार करने के बाद वापस लौट गए। हालांकि रात में ही दौड़ निरस्त होने की घोषणा होना थी, लेकिन वरिष्ठ पदाधिकारियों के आदेश के इंतजार के चलते इस बारे में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं था। नाराज महिलाओं ने अहिल्या प्रतिमा पर प्रदर्शन किया।
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