
इंदौर। रीजनल पार्क (Regional Park) को कुछ महीने पहले ठेके पर देने के टेंडर को लेकर बवाल मच गया था और उसके बाद अब निगम ने अपने स्तर पर बदहाल हो रहे रीजनल पार्क को संवारने के काम शुरू कराए हैं। पहले दौर में वहां टूटे-फूटे ब्लाक बदलने से लेकर जालियां लगाने और कई अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। दूसरे दौर में रंगरोगन से लेकर कई कार्य होंगे। इसके बाद निगम रखरखाव के लिए उसे ठेके पर देने की तैयारी करेगा।
रीजनल पार्क को वर्षों पहले इंदौर विकास प्राधिकरण ने बनाया था और उस पर करोड़ों की राशि खर्च कर कई सुविधाएं जुटाई गई थीं, लेकिन रखरखाव के अभाव में रीजनल पार्क बदहाल होता गया और अभी भी वहां शुल्क लेकर प्रवेश दिया जाता है, लेकिन बदहाल हो रहे रीजनल पार्क में कई अव्यवस्थाएं भी हैं। पिछले दिनों निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने वहां दौरा किया था और अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि रीजनल पार्क को संवारने का काम शुरू किया जाए, ताकि वहां की स्थिति और बदहाल न हो।
जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर के मुताबिक उन्होंने भी अफसरों के साथ रीजनल पार्क का दौरा किया है और वहां प्रारम्भिक दौर के सारे कार्य शुरू करा दिए गए हैं। इनमें इंटरलाकिंग बदलने से लेकर पूरे पार्क की साफ-सफाई का अभियान, जालियों को बदलने के काम के साथ-साथ बंद पड़े फव्वारों को चालू करने का काम भी चल रहा है। उनके मुताबिक इसके बाद वहां रंगरोगन से लेकर सौंदर्यीकरण के कई कार्य कराने के साथ-साथ आकर्षक पौधे पूरे उद्यान परिसर में लगाए जाएंगे। निगम का प्रयास है कि रीजनल पार्क को फिर से संवारा जाए और उसके बाद उसे रखरखाव के लिए ठेके पर देने की तैयारी की जाए। इसके लिए कई कड़ी शर्तें तैयार की जाएंगी।
मेघदूत उपवन के बंद पड़े फव्वारे भी कराए चालू
मेघदूत उपवन में रोज घूमने आने वाले लोगों ने निगम अफसरों को शिकायत की थी कि शहर के वर्षों पुराने उद्यान में फव्वारे बंद पड़े हैं। नगर निगम ने वहां फव्वारे चलाने के लिए एसटीपी से ट्रीटेड पानी की एक लाइन उक्त क्षेत्र में बिछाई है और उससे पर्याप्त पानी तो मिलता है, लेकिन ट्रीटेड पानी के कारण फव्वारे आए दिन खराब होते हैं। फव्वारों के सुधार कार्य के बाद उसे फिर से शुरू कराया गया है और ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि बार-बार फव्वारे खराब होने की परेशानी न आए।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved