
वॉशिंगटन. करीब 12 वर्ष बाद अमेरिका (US) ने सीरिया (Syria) से अपने सैनिकों (Soldiers) को वापस बुला लिया है। अमेरिकी सेना ने सीरिया में सैन्य ठिकाने खाली कर दिए हैं। अप्रैल 2026 में हसाका के कसराक एयरबेस (Air Base) से आखिरी अमेरिकी काफिला निकल गया। इसके बाद सीरियाई सरकार ने सभी ठिकाने अपने नियंत्रण में ले लिए हैं। सीरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा, यह कदम देश को एकजुट करने और पूरे क्षेत्र में सरकारी नियंत्रण की दिशा में बड़ा मोड़ है।
जॉर्डन पहुंचे अमेरिकी सैनिक
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि करीब 2000 सैनिक जॉर्डन जा रहे है। अमेरिका ने हसाका, रुमैलान और देइर एज-जोर में मौजूद कम से कम सात बड़े ठिकाने खाली किए। आखिरी ठिकाना कसराक एयरबेस था। अब इस पर भी सीरियाई सेना का नियंत्रण हो गया है। इस बीच, सीरिया सरकार और एसडीएफ के बीच हुए समझौते के बाद कुर्द लड़ाकों को राष्ट्रीय सेना में शामिल किया जा रहा है। सीमाई इलाकों पर भी दमिश्क का नियंत्रण बढ़ा है।
सीरिया ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय आईएस-विरोधी गठबंधन में शामिल होकर अपनी भूमिका बदली है। इससे अमेरिका के लिए सीरिया में सैन्य मौजूदगी का आधार कमजोर हुआ और अब वह क्षेत्र में रणनीति को नए सिरे से तय कर रहा है।
अमेरिका और सीरिया के संबंधों में हुई बेहतरी
अमेरिका और सीरिया के संबंध दशकों तक तनावपूर्ण रहे, लेकिन दिसंबर 2024 में बशर अल-असद की सत्ता गिरने के बाद इनमें तेजी से सुधार हुआ। मई 2025 में सऊदी अरब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सीरियाई नेता शरा की पहली मुलाकात हुई, जिसके बाद अमेरिका ने सीरिया पर लगे ज्यादातर प्रतिबंध हटाने की घोषणा की। दोनों देशों में राजनयिक संबंधों की शुरुआत 1835 में हुई थी।
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