नई दिल्ली। महंगाई के दौर (Period of inflation) में पेट्रोल-डीजल की कीमतों (Petrol-diesel prices) ने दुनिया भर में आम आदमी की जेब पर दबाव बढ़ाया है, लेकिन राहत की बात यह है कि भारत (India) में अभी भी कई पड़ोसी देशों के मुकाबले पेट्रोल सस्ता मिल रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह राहत ज्यादा दिनों तक कायम नहीं रह सकती।
ताजा आंकड़ों के अनुसार:
वहीं, भारत में पेट्रोल की औसत कीमत करीब ₹101 प्रति लीटर के आसपास बनी हुई है।
वैश्विक स्तर पर कीमतें और भी ज्यादा हैं:
होर्मुज क्षेत्र में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।
इसका सीधा असर आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है।
महंगाई को काबू में रखने के लिए केंद्र सरकार ने हाल ही में एक्साइज ड्यूटी में ₹10 प्रति लीटर की कटौती की थी। इसके बावजूद तेल कंपनियों को:
तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
राज्यों के टैक्स के कारण अलग-अलग शहरों में कीमतें अलग हैं:
पश्चिम बंगाल के अन्य शहरों में भी पेट्रोल ₹104 से ₹106 प्रति लीटर के बीच बना हुआ है।
वैश्विक वित्तीय संस्था Macquarie Group की रिपोर्ट के मुताबिक, तेल कंपनियां अभी भी घाटे में हैं।
का नुकसान जारी है। ऐसे में अनुमान है कि चुनाव के बाद कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।
फिलहाल भारत में पेट्रोल की कीमतें नियंत्रित हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और तेल कंपनियों का घाटा संकेत दे रहे हैं कि आने वाले समय में आम आदमी को महंगे पेट्रोल का झटका लग सकता है।
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