
नोएडा. यूपी (UP) एटीएस (ATS) के हाथ बड़ी सफलता लगी है. एटीएस ने दो युवकों (Two young men) को गिरफ्तार (Arrested) किया है, जो पाकिस्तानी गैंगस्टर्स और ISI के निर्देश पर भारत में आतंकी गतिविधियां अंजाम देने की साजिश रच रहे थे. पकड़े गए युवकों की पहचान तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान निवासी मेरठ और समीर खान निवासी दिल्ली के रूप में हुई है.
नोएडा से गिरफ्तार हुए दो संदिग्ध
एटीएस को मिली सूचना के आधार पर दोनों को नोएडा से गिरफ्तार किया गया. इनके कब्जे से एक पिस्टल, 5 जिंदा कारतूस और एक चाकू बरामद हुआ है. प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि दोनों आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट से जुड़े थे. ये गैंगस्टर ISI के कहने पर भारतीय युवाओं को रेडिकलाइज कर स्लीपर सेल बनाने और आतंकी हमलों के लिए उकसा रहे थे. तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला ने बताया कि शहजाद भट्टी ने उसे कुछ टारगेटेड लोगों के घर पर ग्रेनेड फेंकने और उन्हें जान से मारने का काम सौंपा था.
आईएसआई हैंडलर्स के दिए टारगेट पर रेकी करते थे
इन कामों के बदले 50,000 रुपये पहले और काम पूरा होने पर 2.5 लाख रुपये देने का लालच दिया गया. साथ ही पासपोर्ट बनवाकर दुबई के रास्ते पाकिस्तान ले जाने का वादा भी किया गया. शहजाद भट्टी ने ISI एजेंट्स मेजर हमीद, मेजर इकबाल और मेजर अनवर के नाम पर टारगेट देने और हथियार पहुंचाने की बात कही है. समीर खान को शहजाद भट्टी ने टीटीएच (तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान) के नाम की दीवारों पर लिखाई और अन्य लोगों को भर्ती करने का टास्क दिया था. दोनों आरोपी इन पाकिस्तानी हैंडलर्स के दिए टारगेट की रेकी कर हमला करने के लिए तैयार थे.
आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाना चाहते थे
एटीएस ने बताया कि पाकिस्तानी गैंगस्टर्स और ISI भारत की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने, युवाओं को रेडिकलाइज करने और स्लीपर सेल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर युवाओं को आर्थिक लालच और कट्टरपंथी प्रचार से प्रभावित किया जा रहा है. यह गिरफ्तारी भारत की सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और तेज कार्रवाई का नतीजा है. दोनों आरोपियों से आगे की पूछताछ जारी है, जिसमें बड़े खुलासे हो सकते हैं.
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