
इंदौर। पलासिया इलाके के लालाराम नगर के बगीचे से दो बच्चों को अगवा करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया। इस अपहरणकांड का मुख्य आरोपी एक बेरोजगार युवक था, जिसने अपनी बहन को बच्चों के अपहरण के लिए राजी किया और दोस्त दंपति के फ्लैट पर अगवा बच्चों को रखा। जैसे ही फिरौती की रकम लेने के लिए वे आए तो पुलिस ने घेरकर पकड़ लिया और पूछताछ कर अगवा हुए बच्चों को दंपति के फ्लैट से मुक्त कराकर परिजन को सौंपा।

एसीपी संयोगितागंज तुषार सिंह ने बताया कि लालाराम नगर स्थित तिरुपति गार्डन से गायब हुए 9 साल के नैतिक और 11 साल के सम्राट को एक युवती अपहृत कर ले गई थी। पुलिस बच्चों की खोजबीन कर रही थी। इस बीच बच्चे की मां पूजा के पास फिरौती के लिए एक युवती का वीडियो कॉल आया और 15 लाख की मांग की गई। वीडियो कॉल करने वाले ने बच्चों का वीडियो भी बनाकर दिया, ताकि परिवार को भरोसा हो जाए कि बच्चे उनके पास ही हैं। वीडियो में एक बच्चा मोबाइल खेलते हुए दिख रहा था और दूसरा उसके पास खड़ा था।

उधर, फिरौती की मांग की खबर जैसे ही अगवा हुए बच्चों ने पुलिस को दी तो पुलिस ने परिवार को फिरौती की रकम की व्यवस्था करने को कहा। इसके बाद फिरौती मांगने वालों ने राजेंद्र नगर रेती मंडी के पास फिरौती की रकम लेने के लिए आने को कहा। परिजन फिरौती की रकम लेकर मौके पर पहुंचे। पुलिस की टीम भी छुपकर उनका पीछा कर रही थी। रेती मंडी पर जैसे ही युवती और युवक फिरौती के पैसे लेने लगे तो पुलिस ने घेर लिया और गिरफ्तार कर लिया। फिर बच्चे के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि बच्चे दोस्त दंपति के दत्त नगर स्थित शिवांग अपार्टमेंट के फ्लैट में हैं। पुलिस वहां पहुंची और बच्चों को बरामद कर दोनों युवक-युवती और जिसके फ्लैट में बच्चों को रखा उन दंपति को गिरफ्तार कर पलासिया थाने लाया गया।

सभी आरोपियों के हाथ-पैर तोड़े
सभी आरोपियों को जब मेडिकल के लिए एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे तो उनके शरीर पर प्लास्टर चढ़े देखे गए। पुलिस का कहना है कि जब फिरौती की रकम लेने आए अपहरकर्ताओं ने पुलिस को देखा तो भागने लगे और गिरने से उनके हाथ-पैरों में चोटें आईं। उधर, जिस हिसाब से वह दर्द के मारे कराह रहे थे उससे लग रहा है कि उनके हाथ-पैर भागने के दौरान नहीं टूटे, बल्कि पुलिस द्वारा की गई खातिरदारी के चलते उनके यह हाल हुए हैं। पुलिस आज पूरे मामले का खुलासा करने वाली है।
पूछताछ में बोले-पता नहीं कितने सक्षम थे इनके माता-पिता
आरोपियों ने अपने नाम 18 वर्षीय राधिका पिता राजेश सहकार नगर, विनीत पिता राजेश निवासी तिलक नगर, ललित पिता दशरथ सेन निवासी दत्त नगर और तनीषा पति ललित निवासी दत्त नगर बताए। आरोपी राधिका और विनीत भाई-बहन हैं, जबकि ललित और तनीषा पति-पत्नी हैं। विनीत बेरोजगार है। उस पर कर्ज भी हो गया था, जिसे उतारने और आर्थिक तंगी दूर करने के लिए उसने ही अपहरण की साजिश रची और बहन राधिका को अपहरण करने के लिए उकसाया था। उधर, दंपति ने उनका साथ दिया था। पुलिस ने आरोपियों से जब पूछा कि गरीब माता-पिता के इन बच्चों का ही अपहरण क्यों किया तो वे बोले कि उन्हें इनके बैकग्राउंड की जानकारी नहीं थी।
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