
इंदौर, विकाससिंह राठौर। इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर विमानतल पर अधूरे रनवे पर उड़ानों के संचालन के बाद रनवे से जुड़ी एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। रनवे के पास ही विमानतल प्रबंधन ने एक बड़ा गड्ढा किया है। चौंकाने वाली बात यह है शहर की आम सडक़ों की तरह इस गड्ढे को न तो तुरंत भरा गया है और न ही कोई सुरक्षा उपाय किए गए हैं। इस लापरवाही के कारण एयरपोर्ट पर कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार टर्मिनल के सामने की ओर रनवे के बिलकुल पास ही केबलिंग और डक्टिंग कार्य के लिए कुछ समय पहले यह गड्ढा किया गया था। नियमानुसार अगर रनवे के पास कोई गड्ढा किया जाता है तो उसे तुरंत भरना जरूरी है, लेकिन यहां पिछले कई दिनों से इसे भरा नहीं गया है और खुला ही छोड़ रखा है। साथ ही सबसे जरूरी बात यह है कि अगर गड्ढे को खुला छोड़ा गया है या कोई भी निर्माण कार्य किया जा रहा है तो उसके लिए प्रभावित क्षेत्र के आसपास संकेतक लगाना जरूरी है, लेकिन यहां इन नियमों को भी ताक पर रखते हुए गड्ढे को खुला ही छोड़ दिया गया है।
झंडे और लाइट्स लगाना तो दूर रुमाल तक नहीं बांधा गया
संरक्षा नियमावली में यह भी साफ उल्लेख है कि रनवे के आसपास अगर किसी निर्माण के लिए गड्ढा किया जा रहा है तो इसके आसपास झंडे और संकेतक लगाना अनिवार्य सुरक्षा नियम है। वहीं रात के वक्त प्रभावित क्षेत्र में लाइट्स लगाना भी जरूरी है, ताकि हर समय आने और जाने वाले विमानों के पायलट को पहले से पता हो कि यह क्षेत्र निर्माणाधीन है और वो विपरीत परिस्थिति में सही निर्णय ले सके, लेकिन पिछले करीब एक माह से चल रहे इस काम के बीच यहां सुरक्षा संकेतक तो दूर एक रुमाल तक नहीं बांधा गया है, जिससे कभी भी हादसे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
रनवे के पास का क्षेत्र भी समतल होना जरूरी
एविएशन एक्सपट्र्स ने बताया कि डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) की संरक्षा संबंधी नियमावली के अनुसार रनवे के आसपास भी पूरा क्षेत्र समतल होना जरूरी है। यह इसलिए जरूरी है कि अगर कभी विमान असंतुलित होकर रनवे से उतरता है तो आसपास समतल स्थान होने से उसके दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना बहुत कम होती है, लेकिन अगर कोई गड्ढा है तो निश्चित रूप से दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में अगर कोई काम किया भी जा रहा है तो नियमानुसार गड्ढों को काम के बाद तुरंत भरना जरूरी है। अगर कांक्रीट क्यूरिंग पीरियड में है तो भी रेत की बोरियों से अस्थायी रूप से गड्ढा बंद करना जरूरी है। ऐसा पहले भी होता रहा है, लेकिन इस बार यह लापरवाही की गई है।
1100 मीटर रनवे अब भी अधूरा
इंदौर एयरपोर्ट के 2754 मीटर लंबे रनवे के रीकॉर्पेटिंग के काम के दौरान प्रबंधन की लापरवाही पहले ही सामने आ चुकी है। रनवे पर रीकॉर्पेटिंग के तहत 1100 मीटर रनवे पर करीब 4 इंच मोटी डामर की दूसरी परत बिछाई ही नहीं गई है और इस काम को पूरा किए बिना ही बंद भी कर दिया गया है। इसके साथ ही 17 महीने से इस काम के लिए रात को बंद रहने वाले रनवे को 29 मार्च से 24 घंटों के लिए खोल भी दिया गया है। इसके कारण अब अधूरे रनवे पर ही सभी उड़ानों का संचालन भी किया जा रहा है, जिसके लिए प्रबंधन ने डीजीसीए से अनुमति तक नहीं ली है।
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