
इंदौर। भागीरथपुरा में कल नगर निगम की टीम सडक़ निर्माण में बाधक 200 से ज्यादा ओटले और बाधक हिस्सों को तोडऩे पहुंची थी तो वहां भनक लगते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। रहवासियों का कहना था कि निगम ने कोई नोटिस नहीं दिए और अचानक तोडफ़ोड़ के लिए टीम पहुंच गई। रहवासियों के विरोध को देखते हुए निगम की टीम वहां से बिना कार्रवाई के लौट गई और आज वहां निशान लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
भागीरथपुरा क्षेत्र में नगर निगम द्वारा कई क्षेत्रों में ड्रेनेज और नर्मदा की सप्लाय लाइनें बिछाने के साथ-साथ कई हिस्सों में नई सडक़ों के निर्माण कार्य भी किए जा रहे हैं। सांई मंदिर के मुख्य मार्ग पर बनने वाली सडक़ के लिए वहां करीब 200 से ज्यादा ओटले और अन्य बाधाएं हैं, जिन्हें हटाने के लिए कल नगर निगम का रिमूवल अमला और झोन के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान भारी भरकम अमला देख वहां रहवासियों का हुजूम जमा हो गया। रहवासियों का कहना था कि निगम ने उन्हें नोटिस भी नहीं दिए और निशान भी नहीं लगाए। अचानक तोडफ़ोड़ से उनके घरों का नुकसान होगा।
इस पर कई रहवासियों ने निगम के आला अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों को मामले की शिकायत की, जिसके बाद यह तय हुआ कि पहले निगम की टीम क्षेत्र में निशान लगाने की कार्रवाई करेगी और उसके बाद रहवासी खुद अपने स्तर पर बाधाएं हटा लेंगे। अधिकारियों के मुताबिक आज निगम का अमला क्षेत्र में निशान लगाने की कार्रवाई के लिए पहुंचेगा। भागीरथपुरा क्षेत्र की कई गलियों में नई सडक़ों का निर्माण निगम द्वारा किया जा रहा है, लेकिन गलियां संकरी होने के कारण तमाम फजीहत भी हो रही है। वहां की कई गलियां इतनी तंग है कि पानी के टैंकर भी अंदर नहीं पहुंच पाते।
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