नई दिल्ली। भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र (private space area) से एक बड़ा कदम सामने आया है। बेंगलुरु स्थित स्पेस-टेक स्टार्टअप (GalaxEye) अपना पहला उपग्रह ‘दृष्टि’ (Vision) लॉन्च करने जा रहा है। इस सैटेलाइट को (SpaceX) के (Falcon 9) रॉकेट के जरिए (Vandenberg Space Force Base) से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।
यह मिशन भारत के तेजी से उभरते निजी स्पेस सेक्टर के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे देश की तकनीकी क्षमता को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
क्या है ‘दृष्टि’ की खासियत?
करीब 190 किलोग्राम वजनी ‘दृष्टि’ उपग्रह की सबसे बड़ी ताकत इसकी उन्नत Optical SAR तकनीक है। यह ऑप्टिकल इमेजिंग और सिंथेटिक अपर्चर रडार का संयोजन है, जिससे सैटेलाइट दिन-रात और हर मौसम में काम कर सकता है। बादल, बारिश या अंधेरा भी इसकी निगरानी क्षमता को प्रभावित नहीं कर पाते।
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रणनीतिक और आर्थिक बढ़त
‘दृष्टि’ मिशन के जरिए भारत पृथ्वी की सतह पर लगातार नजर रखने की क्षमता विकसित कर सकता है। इससे न सिर्फ आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया संभव होगी, बल्कि देश को रणनीतिक बढ़त भी मिल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीक से भारत वैश्विक स्पेस टेक्नोलॉजी में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा सकता है। साथ ही, यह मिशन क्षेत्रीय संतुलन पर भी असर डाल सकता है, क्योंकि उन्नत निगरानी क्षमता पड़ोसी देशों के लिए चुनौती बन सकती है।
आने वाले समय में GalaxEye ऐसे और सैटेलाइट लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिससे पूरी पृथ्वी की निरंतर और सटीक निगरानी संभव हो सकेगी।
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