
नई दिल्ली। भारत और ईरान (India and Iran) इस सप्ताह नई दिल्ली (New Delhi) में हो रहे ब्रिक्स शेरपा (BRICS Sherpa) और विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर चर्चा करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी के अंत में शुरू हुए अमेरिका-इजरायल युद्ध के बाद से भारतीय टैंकरों को इस रास्ते से गुजरने में भारी दिक्कतें आ रही हैं। द्विपक्षीय वार्ताएं अब तक पूरी तरह सफल नहीं हुई हैं, जिसके चलते भारत अब ब्रिक्स मंच का उपयोग करके मुद्दे का समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है। इस स्ट्रेट से भारत का लगभग 40 प्रतिशत कच्चा तेल और 90 प्रतिशत एलपीजी आयात होता है।
फिलहाल 13 भारतीय जहाज अभी भी फंसे हुए हैं, जबकि 11 जहाजों को कूटनीतिक प्रयासों से निकाला जा चुका है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पुष्टि की कि ईरानी अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है। इस संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ब्रेंट क्रूड का भाव 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जबकि डब्ल्यूटीआई 100 डॉलर के करीब है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए गंभीर स्थिति
सऊदी अरामको के सीईओ अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि अगर हार्मुज से शिपिंग कुछ हफ्तों से ज्यादा समय तक बाधित रही तो बाजार 2027 तक सामान्य नहीं होंगे। भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए यह स्थिति बेहद गंभीर है। ब्रिक्स बैठक में ईरान के उप विदेश मंत्री भाग लेंगे, जो विदेश मंत्रियों की बैठक में भी प्रतिनिधित्व कर सकते हैं अगर विदेश मंत्री सेय्यद अब्बास अरागची नहीं पहुंच पाए। यह बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार ईरान और UAE के उप विदेश मंत्री एक ही मंच पर होंगे, जहां पश्चिम एशिया के मुद्दे पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी।
ट्रंप प्रशासन और ईरान के बीच शांति वार्ता भी विफल हो गई है। ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया है। ईरान ने कुछ यूरेनियम तीसरे देश को सौंपने की पेशकश की लेकिन परमाणु सुविधाओं को तोड़ने से इनकार कर दिया। इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे को पूरी तरह समाप्त किए बिना युद्ध समाप्त नहीं होगा। इस बीच पर्सियन गल्फ में जहाजों पर ड्रोन हमले की घटनाएं भी हुई हैं, जिससे शिपिंग कंपनियां और अधिक सतर्क हो गई हैं। भारत इस पूरे संकट में अपने नागरिकों और आर्थिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कूटनीति चला रहा है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved