
कोलकाता: पश्चिम बंगाल (West Bengal) के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Suvendu Adhikari) ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप (R.G. Kar Medical College Rape) और हत्या मामले में बड़ा एक्शन लिया है. सीएम शुभेंदु अधिकारी नेतीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. निलंबित किए गए अधिकारियों में कोलकाता पुलिस के पूर्व कमिश्नर विनीत गोयल, IPS इंदिरा मुखर्जी और IPS अभिषेक गुप्ता शामिल हैं.
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मुख्य सचिव और गृह सचिव से मिली रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है. सीएम शुभेंदु अधिकारी के अनुसार, कुछ पुलिस अधिकारी पीड़ित परिवार, विशेष रूप से तिलोत्तमा की मां को कथित रूप से पैसे देने पहुंचे थे. इसी आरोप के आधार पर सरकार ने संबंधित अधिकारियों को निलंबित करने का निर्णय लिया.
विभागीय जांच के आदेश
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि पूरे मामले की विभागीय जांच कराई जाएगी. जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे. यदि पीड़ित परिवार चाहे तो सरकारी अधिकारी उनके घर जाकर भी बयान ले सकते हैं. उन्होंने कहा कि जांच के अगले चरण में फोन कॉल रिकॉर्ड, वॉट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी समीक्षा की जाएगी. सरकार यह पता लगाएगी कि उस समय किन अधिकारियों ने किससे बातचीत की थी और क्या किसी उच्च स्तर से कोई निर्देश जारी किए गए थे.
पीड़िता की मां ने जताई न्याय की उम्मीद
तिलोत्तमा की मां ने शुभेंदु सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अब मामले में जल्द न्याय मिलेगा. उन्होंने भावुक होकर कहा, “मेरी बेटी की मौत ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया. हर धर्म, जाति और समुदाय के लोगों ने सिर्फ एक ही आवाज उठाई- हमें न्याय चाहिए.”
शुभेंदु सरकार का संदेश
वहीं शुभेंदु अधिकारी सरकार के इस फैसले को तिलोत्तमा हत्याकांड में जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इससे मामले की जांच को नई गति मिलने और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है.
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